कई लोग वजन कम करने के लिए खाना कम कर देते हैं, लेकिन इसके बावजूद उनका वजन घटने के बजाय बढ़ता रहता है। ऐसे में सिर्फ यह देखना पर्याप्त नहीं है कि आपने दिनभर में कितनी रोटियां या कितना खाना खाया। वजन पर आपकी पूरी दिनचर्या, शारीरिक गतिविधि, नींद, तनाव और खाने-पीने की आदतों का भी असर पड़ता है।
अगर आप लंबे समय से Weight Loss की कोशिश कर रहे हैं और अपेक्षित परिणाम नहीं मिल रहे हैं, तो अपनी रोजाना की इन आदतों पर एक नजर जरूर डालें।
1. सिर्फ खाने की मात्रा पर ध्यान देना
दो रोटी खाने का मतलब यह नहीं है कि आपने कम कैलोरी ली है। रोटी के साथ सब्जी में इस्तेमाल होने वाला तेल, दाल में घी, दही, अचार, मिठाई और अन्य चीजें भी आपकी कुल कैलोरी बढ़ा सकती हैं।
वजन घटाने के लिए पूरे दिन में कितनी ऊर्जा शरीर को भोजन से मिल रही है और कितनी ऊर्जा शारीरिक गतिविधियों के जरिए खर्च हो रही है, यह दोनों चीजें महत्वपूर्ण हैं। इसलिए केवल खाने की मात्रा घटाने के बजाय अपनी पूरी डाइट पर नजर रखना जरूरी है।
2. चाय, बिस्किट और छोटे-छोटे स्नैक्स
दिन में कई बार ली जाने वाली छोटी-छोटी खाने की चीजें भी वजन बढ़ने की वजह बन सकती हैं। चाय में डाली गई चीनी, बिस्किट, नमकीन, पैकेज्ड स्नैक्स, मीठे पेय और सॉफ्ट ड्रिंक जैसी चीजें बार-बार लेने से कुल कैलोरी का सेवन काफी बढ़ सकता है।
अगर आपका वजन लगातार बढ़ रहा है, तो कुछ दिनों तक आपने दिनभर में क्या-क्या खाया और पिया, उसका रिकॉर्ड बनाकर देखना उपयोगी हो सकता है। इससे उन अतिरिक्त कैलोरी का पता चल सकता है जिन पर आमतौर पर ध्यान नहीं जाता।
3. दिनभर बैठे रहना
कम खाना और कम शारीरिक गतिविधि, दोनों एक जैसी चीजें नहीं हैं। अगर आपका ज्यादातर समय कुर्सी पर बैठकर, मोबाइल चलाकर, टीवी देखकर या डेस्क पर काम करते हुए गुजरता है और आप रोजाना बहुत कम चलते हैं, तो शरीर की कुल ऊर्जा खपत कम हो सकती है।
वजन को नियंत्रित रखने के लिए नियमित शारीरिक गतिविधि जरूरी है। रोजाना चलना, व्यायाम करना और लंबे समय तक लगातार बैठे रहने से बचना आपकी लाइफस्टाइल को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
4. नींद पूरी न होना
Weight Loss के दौरान सिर्फ डाइट पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। नींद की कमी भी खाने की आदतों को प्रभावित कर सकती है। लगातार पर्याप्त नींद नहीं लेने पर कुछ लोगों में भूख और खाने की इच्छा बढ़ सकती है।
ऐसे में मीठी चीजों या अधिक कैलोरी वाले भोजन की क्रेविंग भी बढ़ सकती है। इसलिए वजन कम करने की कोशिश के दौरान संतुलित डाइट के साथ नियमित और पर्याप्त नींद को भी अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।
5. लगातार तनाव में रहना
लंबे समय तक तनाव रहने का असर खाने की आदतों पर भी पड़ सकता है। कुछ लोग तनाव या चिंता की स्थिति में बार-बार कुछ खाने लगते हैं। खासकर मीठी, तली हुई या जंक फूड जैसी चीजों की इच्छा बढ़ सकती है।
अगर आप तनाव के दौरान बिना भूख के भी खाते हैं, तो लंबे समय में इसका असर आपकी कुल कैलोरी और वजन पर पड़ सकता है। इसलिए Weight Loss के साथ तनाव को मैनेज करना भी जरूरी है।
थायरॉइड भी हो सकता है एक कारण
हर बार वजन बढ़ने की वजह ज्यादा खाना या कम एक्सरसाइज करना ही नहीं होती। कुछ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी वजन में बदलाव का कारण बन सकती हैं।
अगर वजन बढ़ने के साथ लगातार थकान, कब्ज, सामान्य से ज्यादा ठंड लगना, त्वचा का रूखा होना या बाल झड़ने जैसे लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं, तो थायरॉइड की जांच को लेकर डॉक्टर से सलाह ली जा सकती है। थायरॉइड से जुड़ी समस्याएं शरीर के मेटाबॉलिज्म को प्रभावित कर सकती हैं।
कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है?
अगर आपका वजन बिना किसी स्पष्ट वजह के लगातार बढ़ रहा है या इसके साथ शरीर में असामान्य सूजन, अत्यधिक थकान, सांस फूलना, कब्ज, ज्यादा ठंड लगना या अन्य नए लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
ऐसी स्थिति में डॉक्टर से परामर्श लेकर वजन बढ़ने की संभावित वजह का पता लगाना बेहतर है। किसी बीमारी की आशंका होने पर खुद से दवा या सप्लीमेंट लेने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह लेना चाहिए।
डिस्क्लेमर
यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसे डॉक्टर की सलाह या किसी बीमारी के इलाज का विकल्प न समझें। वजन बढ़ने या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या से जुड़े लगातार या गंभीर लक्षण होने पर योग्य डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
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