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‘टेस्ट क्रिकेट मेरे खून में है…’, तिलक वर्मा ने बताई लाल गेंद से खेलने की चाह, बोले- भारतीय टीम में बनानी है जगह

दलीप ट्रॉफी में तिलक वर्मा ने अपने बल्ले से शानदार प्रदर्शन करते हुए टेस्ट क्रिकेट के लिए अपनी दावेदारी मजबूत कर दी है। सेमीफाइनल मुकाबले में उन्होंने पहली पारी में नाबाद शतक लगाया और दूसरी पारी में भी नाबाद अर्धशतकीय पारी खेली। उनके इस प्रदर्शन से उनकी टीम ने फाइनल का टिकट हासिल कर लिया।

मैच के बाद तिलक वर्मा ने टेस्ट क्रिकेट को लेकर अपनी इच्छा खुलकर जाहिर की। उन्होंने कहा कि लाल गेंद से क्रिकेट खेलना उन्हें हमेशा से पसंद रहा है और टेस्ट क्रिकेट उनके लिए सिर्फ एक फॉर्मेट नहीं, बल्कि दिल के बेहद करीब है।

‘लाल गेंद से क्रिकेट खेलना हमेशा पसंद रहा’

तिलक वर्मा ने बताया कि उनके क्रिकेट करियर की शुरुआत से ही लाल गेंद वाले खेल में उनकी विशेष रुचि रही है। उन्होंने कहा कि उन्होंने भारत के लिए सीमित ओवरों के क्रिकेट में खेलने की कल्पना नहीं की थी, लेकिन परिस्थितियां उन्हें इस दिशा में ले गईं।

भारत के लिए टी20 और वनडे क्रिकेट में डेब्यू करने के बावजूद तिलक का मानना है कि प्रथम श्रेणी और लाल गेंद वाला क्रिकेट उनकी मजबूत नींव रही है। इसी वजह से वह टेस्ट क्रिकेट में भी देश का प्रतिनिधित्व करने का सपना देखते हैं।

10 साल की उम्र से कर रहे हैं मेहनत

तिलक वर्मा ने अपने क्रिकेट सफर और मेहनत के बारे में भी बात की। उन्होंने बताया कि वह छोटी उम्र से ही क्रिकेट में कड़ी मेहनत कर रहे हैं। उनके मुताबिक, करीब 10 साल की उम्र से उन्होंने अपने खेल को बेहतर बनाने के लिए लगातार मेहनत की और अब 23 वर्ष की उम्र में वह भारतीय टीम के सीमित ओवरों के सेटअप का हिस्सा हैं।

उन्होंने कहा कि आईपीएल में प्रदर्शन के कारण उन्हें सफेद गेंद वाले क्रिकेट में आगे बढ़ने का मौका मिला, लेकिन उससे पहले वह लाल गेंद से क्रिकेट का काफी अनुभव हासिल कर चुके थे।

घरेलू क्रिकेट खेलने का नहीं मिल पाता ज्यादा मौका

तिलक वर्मा ने यह भी बताया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार व्यस्त रहने के कारण उन्हें घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता।

वह फिलहाल भारत के लिए टी20 और वनडे मुकाबले खेल रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद लाल गेंद से क्रिकेट खेलने की उनकी इच्छा कम नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि वह घरेलू क्रिकेट में अधिक से अधिक प्रथम श्रेणी मुकाबले खेलना चाहते हैं।

रणजी ट्रॉफी के जरिए टेस्ट टीम पर नजर

तिलक के मुताबिक, वह पिछले तीन-चार वर्षों से रणजी ट्रॉफी में नियमित रूप से खेलने की कोशिश कर रहे हैं। उनका लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा लाल गेंद वाले मुकाबलों में हिस्सा लेना और लगातार रन बनाना है।

उनका मानना है कि घरेलू क्रिकेट में मजबूत प्रदर्शन के जरिए वह भारतीय टेस्ट टीम के चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींच सकते हैं। वह टेस्ट क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए लगातार मेहनत जारी रखना चाहते हैं।

टी20 टीम के उपकप्तान हैं तिलक

तिलक वर्मा इस समय भारतीय टी20 टीम के उपकप्तान हैं। वह अब तक 53 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेल चुके हैं और उनके नाम पांच वनडे मैच भी हैं। हालांकि, अभी तक उन्हें भारत की टेस्ट टीम में खेलने का मौका नहीं मिला है।

दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में उनका शानदार प्रदर्शन ऐसे समय आया है, जब वह लाल गेंद वाले क्रिकेट में अपनी पहचान मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में उनकी नजर अब घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन के साथ टेस्ट टीम में जगह बनाने पर है।

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