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Health Tips: बहुत गर्म चाय-कॉफी पीने की आदत पड़ सकती है भारी, एसोफेगल कैंसर का बढ़ सकता है खतरा

चाय और कॉफी भारत में रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा हैं। कई लोग सुबह उठते ही गर्म चाय पीना पसंद करते हैं, तो कुछ लोगों को दिनभर कॉफी की चुस्कियां लेना अच्छा लगता है। लेकिन अगर आप चाय या कॉफी को बहुत ज्यादा गर्म अवस्था में पीते हैं, तो अपनी इस आदत पर ध्यान देना जरूरी है। अत्यधिक गर्म पेय पदार्थों का नियमित सेवन भोजन नली को नुकसान पहुंचा सकता है और इससे एसोफेगल कैंसर का जोखिम बढ़ने की आशंका जुड़ी हुई है।

एसोफेगल कैंसर को भोजन नली का कैंसर भी कहा जाता है। यह उस नली में विकसित होता है, जो मुंह से भोजन और तरल पदार्थों को पेट तक पहुंचाती है। आइए जानते हैं कि बहुत गर्म चाय-कॉफी पीने से क्या नुकसान हो सकते हैं और इस आदत से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

बहुत गर्म चाय-कॉफी से क्यों बढ़ सकता है कैंसर का खतरा?

चाय या कॉफी का तापमान बहुत अधिक होने पर उसे पीते समय भोजन नली की अंदरूनी परत को गर्मी से नुकसान पहुंच सकता है। यदि ऐसा बार-बार होता है, तो ऊतकों में लगातार जलन और क्षति की समस्या पैदा हो सकती है। लंबे समय तक इस तरह की आदत बने रहने को भोजन नली के कुछ प्रकार के कैंसर के बढ़े हुए जोखिम से जोड़ा गया है।

कुछ अध्ययनों में बहुत गर्म पेय पदार्थ पीने वालों में एसोफेजियल स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा का जोखिम अधिक पाया गया है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि गर्म चाय या कॉफी पीने वाले हर व्यक्ति को कैंसर हो जाएगा।

यहां सबसे महत्वपूर्ण बात पेय पदार्थ का तापमान है। चाय और कॉफी को बहुत गर्म अवस्था में पीने के बजाय उनके थोड़ा ठंडा होने का इंतजार करना बेहतर है।

क्या कैंसर का खतरा तीन गुना तक बढ़ सकता है?

कुछ शोधों में बहुत गर्म पेय पदार्थों के सेवन और भोजन नली के कैंसर के बीच संबंध पाया गया है। हालांकि, जोखिम कितना बढ़ता है, यह अध्ययन में शामिल लोगों, पेय पदार्थ के तापमान, सेवन की आदतों और अन्य जोखिम कारकों पर निर्भर करता है।

इसलिए हर व्यक्ति के लिए कैंसर का खतरा तीन गुना होने का दावा करना सही नहीं होगा। किसी अध्ययन में पाया गया बढ़ा हुआ जोखिम व्यक्तिगत रूप से कैंसर होने की निश्चित संभावना नहीं बताता।

यह भी ध्यान रखना चाहिए कि एसोफेगल कैंसर के अलग-अलग प्रकार होते हैं। बहुत गर्म पेय पदार्थों के साथ संबंध मुख्य रूप से एसोफेजियल स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा के मामले में देखा गया है। अन्य प्रकारों के लिए समान संबंध स्थापित नहीं माना जा सकता।

भोजन नली को कैसे नुकसान पहुंचा सकती है गर्म चाय?

जब कोई व्यक्ति बहुत गर्म तरल पदार्थ पीता है, तो वह मुंह और गले से होते हुए भोजन नली में पहुंचता है। अधिक तापमान के कारण इस हिस्से की कोशिकाओं को गर्मी से चोट लग सकती है।

यदि ऐसा बार-बार होता है, तो ऊतकों को लगातार नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। इसी कारण विशेषज्ञ बहुत गर्म पेय पदार्थों से बचने की सलाह देते हैं।

हालांकि, भोजन नली के कैंसर के पीछे केवल एक कारण जिम्मेदार नहीं होता। तंबाकू का सेवन, शराब, कुछ अन्य स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियां और व्यक्तिगत जोखिम कारक भी भूमिका निभा सकते हैं। इसलिए केवल चाय-कॉफी की आदत के आधार पर किसी व्यक्ति के कैंसर का जोखिम निर्धारित नहीं किया जा सकता।

चाय-कॉफी पीते समय इन बातों का रखें ध्यान

अपनी रोजमर्रा की आदतों में कुछ आसान बदलाव करके अत्यधिक गर्म पेय पदार्थों से होने वाले नुकसान की आशंका कम की जा सकती है।

  • कुछ मिनट इंतजार करें: चाय या कॉफी बनाने के तुरंत बाद उसे पीने के बजाय थोड़ा ठंडा होने दें।
  • तापमान जांचें: यदि पेय पदार्थ मुंह या जीभ पर असहनीय रूप से गर्म लग रहा है, तो उसे पीने से बचें।
  • छोटे घूंट लेने में भी सावधानी रखें: बहुत गर्म पेय को छोटे घूंट में पीना भी तापमान से होने वाले नुकसान को पूरी तरह नहीं रोकता।
  • तंबाकू और शराब से बचें: ये भोजन नली के कैंसर सहित कई गंभीर बीमारियों के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।
  • लक्षणों को नजरअंदाज न करें: निगलने में लगातार परेशानी, बिना वजह वजन कम होना या लंबे समय तक भोजन नली से जुड़ी समस्या होने पर डॉक्टर से सलाह लें।

चाय-कॉफी का सही तापमान कितना होना चाहिए?

चाय या कॉफी पीने के लिए ऐसा तापमान चुनें, जिस पर पेय आराम से पिया जा सके और मुंह या गले में जलन महसूस न हो। अंतरराष्ट्रीय कैंसर अनुसंधान एजेंसी (IARC) ने 65 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान वाले पेय पदार्थों को संभावित कैंसरकारी जोखिम से संबंधित श्रेणी में रखा है।

इसका अर्थ यह नहीं है कि 65 डिग्री से कम तापमान पर हर पेय पूरी तरह जोखिम-मुक्त है या इससे ऊपर का हर घूंट कैंसर पैदा करेगा। व्यावहारिक रूप से बेहतर है कि चाय-कॉफी को पर्याप्त ठंडा होने दें और बहुत गर्म अवस्था में सेवन न करें।

निष्कर्ष

चाय और कॉफी का सेवन अपने आप में एसोफेगल कैंसर का निश्चित कारण नहीं है, लेकिन इन्हें बार-बार बहुत गर्म अवस्था में पीने की आदत भोजन नली को नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए पेय पदार्थों के तापमान पर ध्यान देना, तंबाकू और शराब से दूरी बनाए रखना तथा लगातार बने रहने वाले असामान्य लक्षणों पर चिकित्सकीय सलाह लेना महत्वपूर्ण है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है, व्यक्तिगत चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं। कैंसर के जोखिम, लक्षणों या जांच से संबंधित किसी भी चिंता के लिए योग्य डॉक्टर से परामर्श लें।

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