दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ कार्यक्रम से पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दावा किया है कि दिल्ली पुलिस उन्हें हिरासत में ले सकती है। उन्होंने देर रात कहा कि उनके आसपास पुलिस और खुफिया एजेंसियों के लोग मौजूद हैं। दीपके ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए प्रदर्शन को लेकर लगाए गए प्रतिबंधों और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।
अभिजीत दीपके के मुताबिक, वह और उनकी पार्टी केवल जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनकी जगह किसी अन्य व्यक्ति को नियुक्त करने की मांग भी दोहराई। हालांकि, पुलिस की ओर से उन्हें हिरासत में लिए जाने के उनके दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
‘आज रात या कल सुबह मुझे उठा सकती है पुलिस’
अभिजीत दीपके ने दावा किया कि उनके आसपास दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियों के अधिकारी घूम रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई कि उन्हें रात में या अगले दिन सुबह हिरासत में लिया जा सकता है।
उन्होंने केंद्र सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर उनकी पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की किसी रैली में तिरंगा लहराने की बात करती, तो क्या उस कार्यक्रम को भी रद्द कर दिया जाता? दीपके ने कहा कि उनकी मांग चुनाव आयोग की जवाबदेही सुनिश्चित करने से जुड़ी है।
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। ये बयान दीपके के अपने दावे और राजनीतिक रुख को दर्शाते हैं।
सेंट्रल पार्क दो दिनों के लिए बंद
कनॉट प्लेस में प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर 2026 को बंद रखने का आदेश दिया है। परिषद ने इसके पीछे प्रशासनिक कारणों का हवाला दिया है।
वहीं, दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू की है। पुलिस ने लोगों से निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वाले जमावड़े से दूर रहने की अपील की है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि लागू आदेशों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
पार्क बंद किए जाने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपके ने सवाल उठाया कि आखिर कितनी जगहों को बंद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि उनकी पार्टी कई स्थानों पर तिरंगा फहराने की घोषणा करती है, तो क्या प्रशासन सभी जगहों को बंद करेगा? उन्होंने मौजूदा स्थिति की तुलना आपातकाल जैसे हालात से भी की। यह उनकी राजनीतिक टिप्पणी है, न कि किसी औपचारिक आपातकाल की घोषणा।
हाई कोर्ट ने प्रदर्शन रोकने से किया इनकार
प्रस्तावित तिरंगा मार्च को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में भी याचिका दायर की गई थी। याचिकाकर्ता ने कनॉट प्लेस में व्यापार और यातायात प्रभावित होने की आशंका जताते हुए प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की थी।
हालांकि, अदालत ने 16 अक्टूबर को प्रस्तावित कार्यक्रम पर रोक लगाने का आदेश देने से इनकार कर दिया। सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित रखने और गतिविधियों को व्यवस्थित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया, जिसे अदालत ने रिकॉर्ड पर लिया।
इसका अर्थ यह नहीं है कि कार्यक्रम को सभी प्रशासनिक प्रतिबंधों से छूट मिल गई है। आयोजकों और समर्थकों को लागू आदेशों तथा पुलिस के निर्देशों का पालन करना होगा।
प्रदर्शन में AAP के समर्थन की भी चर्चा
CJP के तिरंगा मार्च को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं, समर्थकों और अन्य लोगों से भी शामिल होने की अपील किए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे कार्यक्रम में लोगों की संभावित भागीदारी को लेकर प्रशासन सतर्क है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, कनॉट प्लेस और आसपास के बाजारों के व्यापारिक संगठनों ने भी सुरक्षा और कारोबार पर संभावित असर को लेकर चिंता जताई है। व्यापारियों को आशंका है कि अधिक भीड़ या यातायात बाधित होने से त्योहारी सीजन के दौरान ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है।
पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और व्यावसायिक गतिविधियों में बाधा नहीं डालने का आग्रह किया है। प्रशासन के सामने सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ क्षेत्र में सामान्य आवाजाही और व्यापार को सुचारु रखने की चुनौती है।
तिरंगा मार्च से पहले क्या हैं प्रमुख मुद्दे?
16 अक्टूबर को प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले तीन मुद्दे चर्चा में हैं। पहला, अभिजीत दीपके की हिरासत को लेकर जताई गई आशंका, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दूसरा, सेंट्रल पार्क बंद करने और निषेधाज्ञा लागू करने का प्रशासनिक फैसला। तीसरा, प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा, यातायात और व्यापारिक गतिविधियों को सामान्य बनाए रखने की व्यवस्था।
फिलहाल दीपके ने पुलिस कार्रवाई की आशंका जताई है, जबकि हाई कोर्ट ने प्रदर्शन पर रोक लगाने से इनकार किया है। आगे की स्थिति प्रशासनिक निर्देशों, पुलिस की व्यवस्था और आयोजकों के कदमों पर निर्भर करेगी।
Global Express Live