लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बार फिर आमने-सामने बैठकर बहस करने की चुनौती दी है। मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कहा कि प्रधानमंत्री को चुनौती दिए हुए 24 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया है। उन्होंने पीएम मोदी से अपनी पसंद की जगह और मंच चुनकर खुली बहस करने की अपील की।
राहुल गांधी ने इस दौरान विपक्ष को देशविरोधी बताए जाने से जुड़े आरोपों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए कि देश के खिलाफ कौन काम कर रहा है और विदेशी ताकतों से कथित संबंध किसके हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से चर्चा होनी चाहिए, ताकि देश के सामने सच्चाई आ सके।
लाल गुलाब लेकर राहुल गांधी ने पीएम मोदी को दिया संदेश
राहुल गांधी ने अपने वीडियो में हाथ में लाल गुलाब का फूल ले रखा था। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को बहस के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि दोनों नेताओं को एक मंच पर बैठकर देश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए।
उन्होंने बहस के लिए मीडिया और देश के युवाओं को भी मौजूद रखने का सुझाव दिया। राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री चाहें तो अपनी पसंद के किसी भी व्यक्ति को चर्चा का निर्णायक बना सकते हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत का नाम भी इस संदर्भ में लिया।
कांग्रेस नेता के मुताबिक, बहस का उद्देश्य केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप करना नहीं, बल्कि उन मुद्दों पर खुलकर चर्चा करना होना चाहिए, जिन पर देश के सामने सवाल उठ रहे हैं।
राहुल गांधी ने किन मुद्दों पर बहस की रखी मांग?
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के सामने कई अहम मुद्दे उठाने की बात कही। इनमें देश की आर्थिक व्यवस्था, वित्तीय ढांचा और अमेरिका के साथ हुए समझौते से जुड़े सवाल प्रमुख रहे।
उन्होंने सवाल किया कि अमेरिका के साथ समझौता किस तरह हुआ, इसे इतनी जल्दी क्यों पूरा किया गया और इस प्रक्रिया में मंत्रिमंडल को कितनी जानकारी दी गई थी।
इसके अलावा राहुल गांधी ने उद्योगपति गौतम अडानी से जुड़े मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने पूछा कि अडानी मामले में कानूनी कार्रवाई को लेकर उठ रहे सवालों पर सरकार का क्या जवाब है।
कांग्रेस नेता ने जेफरी एपस्टीन से जुड़े मामले का भी उल्लेख किया और कहा कि ऐसे तमाम विषयों पर सार्वजनिक मंच पर चर्चा होनी चाहिए। उनके अनुसार, बहस होने से अलग-अलग मुद्दों पर दोनों पक्षों का नजरिया देश के सामने आएगा।
राहुल गांधी ने मानहानि के मामलों का भी किया जिक्र
वीडियो में राहुल गांधी ने अपने खिलाफ चल रहे मानहानि के मुकदमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि उनके ऊपर लगभग 45 मानहानि के मामले चल रहे हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि यदि विदेशी संबंधों को लेकर उनके सवालों पर भी कोई कानूनी कार्रवाई करनी है, तो वह की जा सकती है। राहुल गांधी ने कहा कि ऐसे मामलों पर भी खुलकर चर्चा करने के लिए वह तैयार हैं।
अपनी बात समाप्त करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को दिवाली की शुभकामनाएं दीं। वीडियो के आखिर में राहुल गांधी ने कहा, ‘हैप्पी दिवाली, मोदी जी।’
किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर किया पलटवार
राहुल गांधी की बहस की चुनौती पर बीजेपी की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया के जरिए कांग्रेस नेता पर निशाना साधा।
रिजिजू ने राहुल गांधी की राजनीति पर सवाल उठाते हुए उनकी तुलना ऐसे लोगों से की, जो अपने विचारों और गतिविधियों में विरोधाभास रखते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी भारत के विरोधियों के एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश करते हैं और दूसरी तरफ दूसरों पर विदेशी समर्थन से जुड़े आरोप लगाते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी की चुनौती पर तंज कसते हुए कहा कि उच्च स्तर की बहस के लिए परिपक्वता जरूरी होती है। उनके इस बयान को कांग्रेस नेता की चुनौती का राजनीतिक जवाब माना जा रहा है।
राहुल गांधी और बीजेपी के बीच बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी
राहुल गांधी और बीजेपी के बीच यह ताजा बयानबाजी ऐसे समय में सामने आई है, जब विदेशी संबंधों, आर्थिक समझौतों और उद्योगपतियों से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
एक तरफ राहुल गांधी प्रधानमंत्री से सार्वजनिक बहस की मांग कर रहे हैं, वहीं बीजेपी उनके आरोपों और राजनीतिक शैली पर सवाल उठा रही है।
फिलहाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से राहुल गांधी की इस नई चुनौती पर किसी जवाब की जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में अब देखना होगा कि इस बहस की मांग पर बीजेपी और प्रधानमंत्री की तरफ से आगे क्या प्रतिक्रिया आती है।
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