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संसद में SIR समेत हर मुद्दे पर चर्चा को तैयार सरकार, अमित शाह ने राहुल गांधी को दी बहस की चुनौती

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि केंद्र सरकार संसद में हर मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार है। इसमें मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का मुद्दा भी शामिल है। उन्होंने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही को लेकर सवाल उठाए और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को बहस की चुनौती दी।

अमित शाह बुधवार को छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर अटल नगर स्थित कायाबांधा में विकसित भारत संकल्प पार्क पीपल वन के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और नक्सलवाद के मुद्दे पर भी निशाना साधा।

SIR समेत सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार सरकार

अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार संसद में विपक्ष की ओर से उठाए जाने वाले सभी मुद्दों पर चर्चा करने को तैयार है। इसमें SIR का विषय भी शामिल है। उन्होंने राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा कि विपक्ष को चर्चा से पीछे नहीं हटना चाहिए।

गृह मंत्री ने कांग्रेस नेता पर माओवादियों की तथाकथित ‘जनता की सरकार’ और असंवैधानिक व्यवस्थाओं का समर्थन करने का आरोप भी लगाया।

नक्सलियों की समानांतर व्यवस्था को लेकर कांग्रेस पर हमला

अपने संबोधन में अमित शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने उन व्यवस्थाओं का समर्थन किया, जहां जनता की ओर से चुनी गई सरकार के बजाय नक्सलियों की समानांतर व्यवस्था चलती थी।

उन्होंने कहा कि कुछ नक्सल प्रभावित इलाकों में माओवादी अपनी अलग व्यवस्था चलाते थे और गृह मंत्री, मुख्यमंत्री तथा वित्त मंत्री जैसे पद भी तय कर रखे थे। शाह ने सवाल उठाया कि ऐसी व्यवस्था को संवैधानिक मान्यता किस आधार पर दी जा सकती है।

गृह मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि नक्सलियों ने कई निर्दोष पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और छात्रों को निशाना बनाया। उनके मुताबिक, राहुल गांधी ने संसद में भी ऐसी व्यवस्थाओं का समर्थन किया है।

अटल बिहारी वाजपेयी ने बनाया छत्तीसगढ़, मोदी सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान बढ़ाया

अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के गठन का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य को नक्सलवाद से मुक्त कराने की दिशा में काम हुआ है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को विकास की राह पर आगे बढ़ाने में पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह की सरकार की भी भूमिका रही। शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन के दौरान नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की जगह हिंसा और बारूदी सुरंगों का माहौल बना रहा।

गृह मंत्री ने आदिवासी समुदाय के अधिकारों का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि क्या गरीब आदिवासियों को मानवाधिकार और सुरक्षित जीवन का अधिकार नहीं है? उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में बच्चों के हाथों में किताबें होनी चाहिए थीं, वहां उन्हें बंदूक और हिंसा के माहौल का सामना करना पड़ा।

कांग्रेस पर नक्सलवाद को बढ़ावा देने का आरोप

अमित शाह ने कांग्रेस पर नक्सलवाद के प्रति नरम रुख अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम के वर्ष 2010 में दिए गए एक बयान का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय नक्सलियों से हथियार छोड़ने और हिंसा रोकने की अपील की गई थी।

शाह ने कहा कि उन्होंने संसद में भी नक्सलियों से हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि जो लोग आत्मसमर्पण करना चाहते हैं, सरकार उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल करने के लिए तैयार है। हालांकि, हिंसा और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सुरक्षा बल कार्रवाई करेंगे।

गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि नागरिकों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई का दायरा पूर्वोत्तर, बस्तर और कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों तक है।

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