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Nautapa Alert: 9 दिनों की भीषण गर्मी में कैसे रखें सेहत का ख्याल? जानिए क्या खाएं और किन चीजों से बचें

देश के कई हिस्सों में 25 मई से नौतपा की शुरुआत हो चुकी है, जो 2 जून तक चलेगा। इस दौरान सूर्य की तपिश अपने चरम पर रहती है और तेज लू के कारण शरीर में पानी की कमी तेजी से होने लगती है। खासकर उत्तर भारत में जेठ की गर्मी लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन जाती है। ऐसे मौसम में सही खानपान और पर्याप्त पानी शरीर को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।

नौतपा के दिनों में अत्यधिक पसीना निकलने से शरीर से पानी के साथ जरूरी मिनरल्स भी बाहर निकल जाते हैं। इसकी वजह से डिहाइड्रेशन, थकान, कमजोरी, सिरदर्द और पेट संबंधी दिक्कतें बढ़ सकती हैं। इसलिए इन दिनों हल्का, ठंडक देने वाला और आसानी से पचने वाला भोजन करना बेहद जरूरी माना जाता है।

गर्मी में शरीर को ठंडा रखने वाले फल और सब्जियां

गर्मियों में पानी से भरपूर मौसमी फलों और सब्जियों का सेवन शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है। तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी और संतरे जैसे फल शरीर में पानी की कमी नहीं होने देते और ऊर्जा बनाए रखते हैं।

इसके अलावा लौकी, तोरी, टिंडा और कद्दू जैसी हल्की हरी सब्जियां पाचन को बेहतर रखने के साथ शरीर को अंदर से ठंडक पहुंचाती हैं। गर्मी के मौसम में इन्हें रोजाना के भोजन में शामिल करना फायदेमंद माना जाता है।

देसी ड्रिंक्स से मिलेगी राहत

नौतपा के दौरान घर में बनी पारंपरिक ड्रिंक्स शरीर के लिए बेहद लाभकारी होती हैं। पुदीना और भुना जीरा डालकर बनाई गई छाछ गर्मी से राहत देने में मदद करती है। दही भी शरीर को ठंडा रखने के साथ पाचन सुधारने में उपयोगी माना जाता है।

कच्चे आम का पन्ना लू से बचाने में कारगर माना जाता है। वहीं सत्तू का शरबत शरीर को ठंडक और ऊर्जा दोनों देता है। नारियल पानी और नींबू पानी इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी पूरी करने में मदद कर सकते हैं।

हल्का और सुपाच्य भोजन करें

तेज गर्मी के दिनों में भारी और तला-भुना भोजन शरीर पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। ऐसे में मूंग दाल की खिचड़ी, दाल-चावल, दलिया और हल्की हरी सब्जियों के साथ सादा भोजन करना बेहतर माना जाता है।

हल्का खाना पेट को आराम देता है और पाचन को भी स्वस्थ बनाए रखता है। रात के समय कम मसाले वाला भोजन ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।

इन चीजों से बनाएं दूरी

नौतपा के दौरान ज्यादा मसालेदार, तला-भुना और प्रोसेस्ड फूड खाने से बचना चाहिए। समोसे, कचौड़ी और अधिक मिर्च-मसाले वाले भोजन से शरीर में गर्मी और एसिडिटी बढ़ सकती है।

चाय और कॉफी का अधिक सेवन भी शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकता है, क्योंकि इनमें मौजूद कैफीन बार-बार पेशाब आने का कारण बन सकती है।

इसके अलावा ज्यादा मीठी चीजें और शराब डिहाइड्रेशन को बढ़ा सकती हैं। गर्मी में बासी या खुले में रखा खाना खाने से भी बचना चाहिए, क्योंकि तेज तापमान में बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं और फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है।

नौतपा में अपनाएं ये जरूरी आदतें

इन दिनों प्यास लगने का इंतजार किए बिना थोड़ी-थोड़ी मात्रा में लगातार पानी पीते रहना चाहिए। दोपहर की तेज धूप में बिना जरूरत बाहर निकलने से बचें। अगर बाहर जाना जरूरी हो तो सिर और चेहरे को अच्छी तरह ढककर निकलें।

सही खानपान और पर्याप्त हाइड्रेशन अपनाकर नौतपा की भीषण गर्मी में भी शरीर को स्वस्थ और सुरक्षित रखा जा सकता है।

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