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सहजन की पत्तियां और फलियां डाइट में करें शामिल, डायबिटीज और वजन मैनेजमेंट में मिल सकती है मदद

हेल्थ डेस्क: अच्छी सेहत के लिए संतुलित और पोषक आहार बेहद जरूरी माना जाता है। सहजन, जिसे अंग्रेजी में मोरिंगा कहा जाता है, पोषक तत्वों से भरपूर पौधों में शामिल है। इसकी फलियां, पत्तियां और फूल खाने में इस्तेमाल किए जाते हैं। सहजन को लंबे समय से पारंपरिक खानपान और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों में भी जगह मिली हुई है।

सहजन की पत्तियों और फलियों में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन, कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसे सब्जी, सूप या पत्तियों के पाउडर के रूप में डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है।

सहजन की सब्जी है पोषण से भरपूर

सहजन की फली का इस्तेमाल कई भारतीय व्यंजनों में किया जाता है। दक्षिण भारत में इसे सांभर में डाला जाता है, जबकि उत्तर भारत के कई हिस्सों में इसकी सब्जी भी बनाई जाती है।

सहजन की फली की सब्जी रोटी या चावल के साथ खाई जा सकती है। इसे पकाने से पहले फलियों के बाहरी रेशे निकालना बेहतर होता है, क्योंकि ये रेशे खाने में असुविधा पैदा कर सकते हैं।

सब्जी बनाते समय इसे जरूरत से ज्यादा पकाने से बचना चाहिए। संतुलित तरीके से पकाने पर इसका स्वाद और पोषण दोनों बेहतर तरीके से बनाए रखे जा सकते हैं।

सहजन की पत्तियों का पाउडर भी कर सकते हैं इस्तेमाल

सहजन की पत्तियों को सुखाकर तैयार किया गया पाउडर भी कई लोग अपनी डाइट में शामिल करते हैं। इसे दाल, सब्जी, सूप या गुनगुने पानी में थोड़ी मात्रा में मिलाया जा सकता है।

हालांकि, इसे किसी बीमारी की दवा या सप्लीमेंट का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। खासकर डायबिटीज की दवा लेने वाले लोगों को सहजन के पाउडर या किसी भी हर्बल उत्पाद का नियमित सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

सूप और फूलों से भी बन सकते हैं स्वादिष्ट व्यंजन

सहजन की पत्तियों और फलियों के अलावा इसके फूलों का भी कई जगह भोजन में इस्तेमाल किया जाता है। इससे सूप, सब्जी और दूसरे पारंपरिक व्यंजन तैयार किए जा सकते हैं।

सहजन में मौजूद फाइबर और अन्य पोषक तत्व संतुलित डाइट का हिस्सा बनने पर पाचन और संपूर्ण पोषण में योगदान दे सकते हैं। वहीं, कम कैलोरी वाली पौष्टिक सब्जियों को भोजन में शामिल करना वजन को मैनेज करने वाली डाइट का हिस्सा हो सकता है।

क्या सहजन से डायबिटीज और वजन कंट्रोल होता है?

सहजन को लेकर ब्लड शुगर और वजन से जुड़े कई दावे किए जाते हैं। कुछ शुरुआती शोधों में मोरिंगा के संभावित स्वास्थ्य लाभों पर अध्ययन हुआ है, लेकिन इसे डायबिटीज या मोटापे का इलाज नहीं माना जा सकता।

डायबिटीज को नियंत्रित रखने के लिए संतुलित भोजन, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का पालन ज्यादा महत्वपूर्ण है। इसी तरह वजन कम करने के लिए केवल किसी एक खाद्य पदार्थ पर निर्भर रहने के बजाय पूरी डाइट और लाइफस्टाइल पर ध्यान देना चाहिए।

सहजन को डाइट में कैसे शामिल करें?

सहजन को कई आसान तरीकों से भोजन में शामिल किया जा सकता है:

  • सहजन की फली की सब्जी बनाकर
  • पत्तियों को दाल या सब्जी में डालकर
  • सहजन की पत्तियों का सूप बनाकर
  • सीमित मात्रा में पत्तियों का पाउडर भोजन में मिलाकर
  • सहजन के फूलों से पारंपरिक व्यंजन बनाकर

ध्यान रखें: सहजन पौष्टिक भोजन का हिस्सा हो सकता है, लेकिन इसे किसी बीमारी की दवा या इलाज का विकल्प नहीं समझना चाहिए। डायबिटीज, गर्भावस्था या नियमित दवाएं लेने वाले लोगों को इसका पाउडर या औषधीय मात्रा में सेवन शुरू करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।

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