करवा चौथ का व्रत महिलाओं के लिए आस्था और परंपरा से जुड़ा एक खास पर्व है। इस साल 29 अक्टूबर 2026 को करवा चौथ मनाया जा रहा है। इस दिन कई महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रखती हैं। सुबह सरगी खाने के बाद महिलाएं पूरे दिन बिना कुछ खाए-पिए रहती हैं और रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत खोलती हैं।
लंबे समय तक भोजन और पानी से दूर रहने के कारण कुछ महिलाओं को थकान, सिरदर्द, चक्कर या कमजोरी महसूस हो सकती है। ऐसे में व्रत से पहले सरगी में पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करना फायदेमंद हो सकता है। प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट और तरल पदार्थों से भरपूर सरगी शरीर को ऊर्जा देने और पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद कर सकती है।
आइए जानते हैं कि करवा चौथ की सरगी की थाली में किन 6 चीजों को शामिल करना बेहतर विकल्प हो सकता है।
1. ड्राई फ्रूट्स और बीज
सरगी की थाली में बादाम, अखरोट, काजू, किशमिश और अंजीर जैसे सूखे मेवे शामिल किए जा सकते हैं। इनमें हेल्दी फैट, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। ये शरीर को ऊर्जा देने के साथ लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद कर सकते हैं।
इसके अलावा कद्दू के बीज, सूरजमुखी के बीज और चिया सीड्स भी थोड़ी मात्रा में खाए जा सकते हैं। बादाम और किशमिश को रातभर पानी में भिगोकर रखना भी एक विकल्प है। हालांकि, ड्राई फ्रूट्स और बीजों का सेवन अपनी भूख और पाचन क्षमता के अनुसार ही करें।
2. मौसमी फल
सरगी में ताजे फलों को शामिल करना अच्छा विकल्प हो सकता है। सेब, अनार, पपीता, संतरा, मौसमी और नाशपाती जैसे फलों से शरीर को विटामिन, मिनरल्स, फाइबर और प्राकृतिक शर्करा मिलती है।
संतरा और मौसमी जैसे फलों में पानी की मात्रा भी अच्छी होती है। फलों का सेवन शरीर की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकता है। बेहतर होगा कि फलों का जूस पीने के बजाय उन्हें साबुत खाएं, ताकि फाइबर भी मिल सके।
3. नारियल पानी और पर्याप्त तरल पदार्थ
व्रत शुरू करने से पहले शरीर में पानी की कमी न होने देना जरूरी है। नारियल पानी में पोटैशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स पाए जाते हैं, इसलिए इसे सरगी के साथ लिया जा सकता है। इसके अलावा सादा पानी और दूध भी तरल पदार्थों की जरूरत पूरी करने में मदद कर सकते हैं।
ध्यान रखें कि नारियल पानी पीने से पूरे दिन निर्जल रहने के दौरान डिहाइड्रेशन या कमजोरी से पूरी तरह बचाव होने की गारंटी नहीं है। इसलिए सरगी से पहले पर्याप्त पानी पिएं और अपनी सेहत के अनुसार व्रत रखने का फैसला करें।
4. दूध की सेवई
सरगी में दूध से बनी सेवई शामिल करने से शरीर को ऊर्जा और प्रोटीन मिल सकता है। दूध में प्रोटीन और कैल्शियम होता है, जबकि सेवई से कार्बोहाइड्रेट मिलता है। इनका संयोजन सुबह के भोजन को अधिक पौष्टिक बना सकता है।
इसे तैयार करने के लिए एक गिलास दूध में जरूरत के अनुसार सेवई डालकर पकाएं। स्वाद के लिए थोड़ी इलायची और सीमित मात्रा में गुड़ मिलाया जा सकता है। ऊपर से कटे हुए बादाम और काजू भी डाल सकते हैं।
सेवई में चीनी या गुड़ बहुत ज्यादा डालने से बचें। यदि आपको दूध से परेशानी होती है या डायबिटीज है, तो अपनी जरूरत के अनुसार इसकी सामग्री और मात्रा तय करें।
5. पनीर का पराठा
सरगी में पनीर का पराठा शामिल करना भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है। पनीर से प्रोटीन और फैट मिलता है, जबकि गेहूं या मल्टीग्रेन आटे से कार्बोहाइड्रेट और फाइबर मिल सकता है। इससे भोजन अधिक संतुलित बनता है और पेट भरा रहने में मदद मिल सकती है।
पनीर का पराठा बनाने के लिए पनीर को अच्छी तरह मैश कर लें। इसमें भुना हुआ जीरा, थोड़ा धनिया और स्वादानुसार नमक मिलाएं। चाहें तो हल्की मात्रा में मसाले डाल सकते हैं। अब गेहूं या मल्टीग्रेन आटे की लोई में पनीर की स्टफिंग भरकर पराठा तैयार करें।
पराठे को कम तेल या घी में सेंकें। मैदा और बहुत ज्यादा तेल का इस्तेमाल करने से बचें। इसे दही के साथ खाने से भोजन में अतिरिक्त प्रोटीन भी मिल सकता है।
6. एक कटोरी दही
दही सरगी की थाली के लिए एक उपयोगी विकल्प है। इसमें प्रोटीन और कैल्शियम पाया जाता है। दही को भोजन के साथ लेने से पोषण बढ़ाने में मदद मिल सकती है। कुछ लोगों को दही खाने से पाचन में भी आराम महसूस होता है।
आप सरगी में एक कटोरी ताजा, सादा दही शामिल कर सकती हैं। चाहें तो इसमें थोड़े भुने जीरे का पाउडर मिला सकती हैं। यदि आपको दूध से बने उत्पादों से परेशानी होती है, तो दही का सेवन अपनी सहनशीलता के अनुसार करें।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि दही खाने से एसिडिटी से बचाव की गारंटी नहीं मिलती। लंबे समय तक खाली पेट रहने से कुछ लोगों को पेट में जलन या बेचैनी हो सकती है।
करवा चौथ के व्रत में इन बातों का भी रखें ध्यान
सरगी में केवल मीठी चीजें खाने के बजाय कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट का संतुलित मिश्रण रखें। बहुत अधिक तला-भुना, नमकीन या ज्यादा मीठा भोजन खाने से बचें। सुबह व्रत शुरू करने से पहले पर्याप्त पानी पिएं और अपनी दिनचर्या के अनुसार आराम भी करें।
यदि व्रत के दौरान तेज कमजोरी, चक्कर, बेहोशी, भ्रम या बहुत ज्यादा अस्वस्थता महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करें। जरूरत पड़ने पर व्रत तोड़कर पानी लें और चिकित्सकीय सहायता प्राप्त करें। डायबिटीज, किडनी या हृदय संबंधी बीमारी, गर्भावस्था अथवा नियमित दवाएं लेने की स्थिति में निर्जला व्रत रखने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। हर व्यक्ति की शारीरिक जरूरतें अलग होती हैं। किसी बीमारी या विशेष स्वास्थ्य स्थिति में व्रत रखने से पहले योग्य चिकित्सक से सलाह लें।
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