एमएलसी चुनाव के नतीजों को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनाव परिणामों पर टिप्पणी के बाद कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने पलटवार किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री से चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के बजाय बैलेट पेपर के इस्तेमाल समेत चार मांगों पर कदम उठाने की अपील की है।
पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि यदि प्रधानमंत्री को भरोसा है कि EVM का चुनाव परिणामों पर कोई असर नहीं पड़ता, तो उन्हें अपनी बात को व्यवहार में भी साबित करना चाहिए। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा।
पवन खेड़ा ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने अपनी पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भविष्य में होने वाले सभी लोकसभा और विधानसभा चुनाव बैलेट पेपर के माध्यम से कराने की प्रतिबद्धता जतानी चाहिए।
खेड़ा का तर्क है कि यदि बीजेपी को अपनी चुनावी ताकत पर पूरा भरोसा है, तो उसे चुनाव कराने की प्रक्रिया को लेकर भी स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री से केवल बयान देने के बजाय ठोस कदम उठाने की मांग की।
उनकी इस टिप्पणी के बाद चुनाव में EVM के इस्तेमाल और बैलेट पेपर की व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस फिर चर्चा में आ गई है।
पवन खेड़ा ने रखीं ये चार मांगें
कांग्रेस सांसद ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में चार प्रमुख मांगें सामने रखीं।
पहली मांग: भविष्य में होने वाले सभी लोकसभा और विधानसभा चुनाव बैलेट पेपर से कराने का वादा किया जाए।
दूसरी मांग: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया को रोकने और उनके दावे के मुताबिक हटाए गए 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़ने की मांग की।
तीसरी मांग: उन्होंने ज्ञानेश गुप्ता को उनके पद से हटाने की मांग उठाई।
चौथी मांग: खेड़ा ने उस कानून को निरस्त करने की मांग की, जिसके बारे में उनका दावा है कि वह ज्ञानेश गुप्ता को आजीवन कानूनी संरक्षण प्रदान करता है।
पवन खेड़ा ने कहा कि जब तक इन मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक प्रधानमंत्री के दावों को गंभीरता से नहीं लिया जा सकता। ये सभी मांगें कांग्रेस सांसद की ओर से रखी गई हैं; इनके संबंध में संबंधित कानूनी प्रावधानों और मतदाता सूची के आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
MLC चुनाव के नतीजों पर क्या बोले थे प्रधानमंत्री मोदी?
एमएलसी चुनाव परिणामों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया पर कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक में विधान परिषद की सीटों के परिणामों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस की जीत पर सवाल उठाया।
प्रधानमंत्री की टिप्पणी का उद्देश्य कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक संदेश देना था। इसके बाद पवन खेड़ा ने चुनाव प्रक्रिया, EVM और मतदाता सूची से संबंधित मुद्दों को उठाते हुए जवाब दिया।
चुनावी प्रक्रिया को लेकर बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी
एमएलसी चुनावों के नतीजों के बाद बीजेपी और कांग्रेस के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। एक ओर प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन पर टिप्पणी की, तो दूसरी ओर पवन खेड़ा ने चुनाव कराने की प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए।
इस घटनाक्रम ने EVM, बैलेट पेपर और मतदाता सूची के पुनरीक्षण जैसे विषयों को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। हालांकि, चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठाए गए आरोपों और मांगों पर निष्कर्ष निकालने के लिए आधिकारिक आंकड़ों, संबंधित कानूनों और निर्वाचन अधिकारियों के स्पष्टीकरण को देखना जरूरी है।
फिलहाल, दोनों पक्षों की बयानबाजी के बीच यह मुद्दा राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है।
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