बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद भारत-पड़ोसी देश के संबंधों में सुधार की दिशा में सकारात्मक कदम उठाया जा रहा है। भारत अब बांग्लादेश में सभी वीजा सर्विस को फिर से बहाल करने की तैयारी कर रहा है। हाल ही में बीएनपी पार्टी के तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री पद संभाला है।
सिलहट में भारत के सीनियर कौंसुल अधिकारी अनिरुद्ध दास ने बताया कि मेडिकल और डबल एंट्री वीजा जारी किए जा रहे हैं। इसके अलावा ट्रैवल वीजा समेत अन्य वीजा कैटेगिरी को भी पुनः शुरू करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
भारत-बांग्लादेश रिश्तों की मजबूती
अनिरुद्ध दास ने कहा कि वीजा सर्विस शुरू होने के साथ ही दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने का भरोसा भी दिया गया है। उन्होंने कहा:
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भारत और बांग्लादेश के रिश्ते आपसी सम्मान और आदर पर आधारित हैं।
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दोनों देशों के लोग स्थिर, सकारात्मक और लंबे समय तक चलने वाले आपसी लाभ वाले रिश्तों के मुख्य स्टेकहोल्डर होंगे।
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दोनों देशों का नजरिया समान है और वे मिलकर काम करना चाहते हैं।
दोनों देशों के रिश्तों में खटास क्यों आई थी?
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साल 2025 में शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था।
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विरोध प्रदर्शन भारत विरोधी रूप ले गए और भारत ने बांग्लादेश में अपने वीजा सेंटर के ऑपरेशन रोक दिए।
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जनवरी में बांग्लादेश ने भारतीय नागरिकों के लिए वीजा जारी करने पर रोक लगा दी थी।
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इसके अलावा कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में भारतीय मिशनों पर भी वीजा सेवाओं पर रोक थी।
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व्यापार और रोजगार से संबंधित वीजा को छोड़कर बाकी सभी कैटेगिरी पर रोक लगी थी।
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