भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा (LoC) के नजदीक पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में हुए लैंडमाइन विस्फोट में चार लोगों की जान चली गई। यह घटना सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को उस समय हुई, जब कुछ लोग खेतों में पानी की पाइपलाइन बिछाने का काम कर रहे थे। विस्फोट के बाद इलाके में चिंता बढ़ गई और सीमा से सटे क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बरती जाने लगी।
बताई गई जानकारी के अनुसार, यह हादसा शाम करीब 5 बजे से 5:30 बजे के बीच PoK के पुंछ जिले की हाजीरा तहसील के महांधला गांव में हुआ। पाइपलाइन का काम करते समय वहां मौजूद लोग कथित तौर पर जमीन में मौजूद विस्फोटक की चपेट में आ गए। धमाका इतना गंभीर था कि चारों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
चारों मृतकों की पहचान सामने आई
विस्फोट में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान फैजान सगीर, इश्तियाक, वकास और आसिम के रूप में बताई गई है। जानकारी के मुताबिक, चारों आपस में चचेरे भाई थे और इलाके में पाइपलाइन बिछाने के काम में लगे हुए थे।
मृतकों में शामिल फैजान सगीर को जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) से जुड़ा सहयोगी भी बताया गया है। हालांकि, इस संबंध और घटना से जुड़े अन्य विवरणों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।
LoC पर बिछी माइंस को लेकर जताई गई आशंका
घटना के बाद यह आशंका जताई गई कि जिस लैंडमाइन में विस्फोट हुआ, वह नियंत्रण रेखा के पास घुसपैठ रोकने के लिए बनाई गई सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा हो सकती थी। कुछ रिपोर्टों में इसके भारतीय सेना की एंटी-इनफिल्ट्रेशन व्यवस्था के तहत बिछाए जाने की संभावना व्यक्त की गई है।
हालांकि, विस्फोटक किसने और कब लगाया था, इसकी स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए इस संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जांच और संबंधित पक्षों की जानकारी जरूरी है।
धमाके के बाद सीमा पर सुरक्षा बढ़ाई गई
नियंत्रण रेखा के नजदीक विस्फोट की सूचना मिलने के बाद संबंधित क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ाए जाने की जानकारी सामने आई। अधिकारियों के अनुसार, सीमा से सटे इलाके में निगरानी मजबूत की गई, ताकि किसी भी संभावित घुसपैठ की कोशिश को रोका जा सके।
LoC के आसपास पहले से मौजूद सुरक्षा चुनौतियों के मद्देनजर इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से लिया जाता है। हालांकि, इस विस्फोट और किसी घुसपैठ की कोशिश के बीच संबंध होने की पुष्टि नहीं हुई है।
पुंछ के मेंढर सेक्टर में दो लैंडमाइन भी मिले
इसी दिन जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में एक अलग घटना के दौरान भारतीय सेना के जवानों ने मेंढर सेक्टर के बसोनी इलाके में सीमा पर लगी बाड़ के पास दो जंग लगे लैंडमाइन बरामद किए।
अधिकारियों के मुताबिक, ट्रैक निर्माण के दौरान सुबह करीब 8:25 बजे और दोपहर 12:10 बजे इन विस्फोटकों का पता चला। इसके बाद सेना के विशेषज्ञों ने निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया के तहत नियंत्रित विस्फोट करके दोनों लैंडमाइन को नष्ट कर दिया।
इस कार्रवाई के दौरान पुराने विस्फोटकों को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने पर ध्यान दिया गया। ऐसे इलाकों में निर्माण कार्य करते समय जमीन में दबे विस्फोटकों का खतरा बना रहता है, इसलिए सुरक्षा जांच और विशेषज्ञों की निगरानी महत्वपूर्ण होती है।
सीमा से लगे इलाकों में सतर्कता जरूरी
PoK में चार लोगों की मौत और पुंछ के मेंढर सेक्टर में पुराने लैंडमाइन मिलने की घटनाओं ने नियंत्रण रेखा के आसपास मौजूद विस्फोटक खतरों को फिर चर्चा में ला दिया है। पुराने या जमीन में दबे विस्फोटक आम नागरिकों के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकते हैं।
ऐसे क्षेत्रों में संदिग्ध वस्तु दिखाई देने पर उसे छूने या हटाने की कोशिश करने के बजाय सुरक्षा एजेंसियों को सूचना देना जरूरी है। महांधला में हुए विस्फोट के कारणों और लैंडमाइन की उत्पत्ति को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित जांच और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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