Uttar Pradesh Weather Update: उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश के कारण जलभराव और बाढ़ की स्थिति बनने लगी है। गुरुवार को राज्य के 39 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इससे पहले बुधवार को प्रयागराज, कानपुर, नोएडा समेत दो दर्जन से अधिक शहरों में तेज बारिश दर्ज की गई।
लगातार हो रही बारिश का असर शहरों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी दिखाई दे रहा है। कई जगह सड़कें जलमग्न हो गई हैं, नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है और निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
वाराणसी में गंगा घाट की सीढ़ियों पर बहा झरने जैसा पानी
वाराणसी में बुधवार को करीब चार घंटे तक हुई तेज बारिश के बाद गंगा घाट का नजारा बदल गया। बारिश का पानी घाट की सीढ़ियों से तेज बहाव के साथ नीचे की ओर आने लगा, जिससे वहां झरने जैसा दृश्य दिखाई दिया।
घाट की सीढ़ियों पर पानी का बहाव इतना तेज था कि लोग इसे देखने के लिए रुक गए। इस दौरान कुछ बच्चे पानी से भरी सीढ़ियों पर फिसलते और मस्ती करते भी दिखाई दिए।
कानपुर देहात के अस्पताल में भरा पानी
भारी बारिश का असर कानपुर देहात में स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ा। यहां एक सरकारी अस्पताल के परिसर में पानी भर गया। मरीजों और उनके साथ आए लोगों को पानी के बीच से गुजरकर OPD तक पहुंचना पड़ा।
अस्पताल परिसर में जलभराव के कारण मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रयागराज में किले से जुड़ी दीवार गिरी
प्रयागराज में भी तेज बारिश के बाद ऐतिहासिक ढांचे को नुकसान पहुंचा। खुसरोबाग से जुड़ी एक पुरानी दीवार का हिस्सा ढह गया।
बताया जा रहा है कि खुल्दाबाद मंडी के पीछे स्थित यह दीवार मुगलकालीन संरचना से जुड़ी हुई थी और इसका संबंध घोड़ों के अस्तबल से रहा है। लगातार बारिश के कारण पुरानी संरचना कमजोर होने की आशंका जताई जा रही है।
गंगा समेत कई नदियां उफान पर
प्रदेश में लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। बिजनौर और फर्रुखाबाद में गंगा नदी का पानी खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है।
कई इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंचने से 45 से अधिक गांव प्रभावित बताए जा रहे हैं। वहीं करीब 40 सरकारी स्कूलों में भी पानी घुस गया है। सबलपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लगभग डेढ़ फीट तक पानी भरने की जानकारी सामने आई है।
कुछ स्थानों पर नदी का पानी हाईवे के ऊपर से बहने लगा है, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है।
बिजनौर में तेज बहाव से सड़क का हिस्सा बहा
बिजनौर में नदी के तेज बहाव ने हाईवे की अप्रोच रोड को नुकसान पहुंचाया। पानी के तेज दबाव में सड़क का एक हिस्सा बह गया, जिसके बाद वहां करीब 12 फीट गहरा गड्ढा बन गया।
सड़क क्षतिग्रस्त होने से यातायात को लेकर भी परेशानी बढ़ गई है और प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
लखीमपुर खीरी में नदी के कटान से स्कूल को नुकसान
लखीमपुर खीरी में शारदा नदी के कटान ने भी चिंता बढ़ा दी है। लगातार हो रहे कटाव के कारण एक स्कूल का करीब आधा हिस्सा नदी में समा गया।
नदी का जलस्तर और कटान बढ़ने से आसपास के इलाकों में भी खतरा बना हुआ है।
24 घंटे में 72 जिलों में हुई बारिश
मौसम के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तर प्रदेश के 72 जिलों में बारिश दर्ज की गई। बांदा में सबसे अधिक 69.3 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई।
इसके बाद हमीरपुर में 64 मिमी, सुल्तानपुर में 61.7 मिमी और महोबा में 59.9 मिमी बारिश दर्ज की गई।
अगले 4-5 दिन कैसा रहेगा यूपी का मौसम?
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, मानसूनी सिस्टम इस समय उत्तर प्रदेश के ऊपर सक्रिय है। यह सिस्टम दिल्ली, लखनऊ और पटना के आसपास से होकर गुजर रहा है। इसके प्रभाव से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
गंगा के मैदानी क्षेत्रों तक मानसूनी हवाओं के पहुंचने से बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले 4 से 5 दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश हो सकती है।
इन इलाकों में ज्यादा असर की संभावना
बारिश के साथ नदियों का बढ़ता जलस्तर निचले इलाकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है। लोगों को नदी किनारे और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी जा रही है।
आने वाले दिनों में भारी बारिश होने पर पहले से प्रभावित जिलों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी होगा।
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