गोरखपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाओं का विस्तार करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। इस संबंध में केंद्र सरकार ने जानकारी दी है। गोरखपुर के सांसद रवि किशन शुक्ला ने संसद में नियम 377 के तहत इस मुद्दे को उठाया था, जिसके जवाब में केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव ने पत्र के माध्यम से स्थिति स्पष्ट की।
CTVS, नेफ्रोलॉजी और कैंसर उपचार की सुविधाएं बढ़ाने की तैयारी
केंद्र सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, AIIMS गोरखपुर में फिलहाल कार्डियोलॉजी, मेडिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी और यूरोलॉजी जैसी विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हैं। इसके साथ ही कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी (CTVS), नेफ्रोलॉजी, मेडिकल ऑन्कोलॉजी और सर्जिकल ऑन्कोलॉजी जैसी सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं के विस्तार के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
इन सेवाओं के विकसित होने से हृदय, किडनी, कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को विशेषज्ञ उपचार के अधिक विकल्प मिल सकते हैं।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया जारी
सरकार ने यह भी बताया कि संस्थान में स्वीकृत फैकल्टी पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है। सुपर स्पेशियलिटी विभागों में खाली फैकल्टी पदों पर योग्य डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए समय-समय पर विज्ञापन जारी किए जाते हैं।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता किसी भी उच्चस्तरीय चिकित्सा संस्थान में सेवाओं के संचालन और विस्तार के लिए महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में डॉक्टरों की नियुक्ति से संबंधित प्रक्रिया का असर नई सुविधाओं के विकास पर भी पड़ सकता है।
सांसद रवि किशन ने संसद में उठाया था मुद्दा
गोरखपुर के सांसद रवि किशन शुक्ला ने AIIMS में उच्चस्तरीय चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की आवश्यकता को संसद में उठाया था। इसके बाद केंद्र सरकार की ओर से संस्थान में उपलब्ध विशेषज्ञ सेवाओं, प्रस्तावित विस्तार और फैकल्टी भर्ती की स्थिति के बारे में जानकारी दी गई।
पूर्वांचल के मरीजों को मिल सकते हैं बेहतर विकल्प
AIIMS गोरखपुर में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं का विस्तार होने से पूर्वांचल और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए स्थानीय स्तर पर बेहतर विकल्प मिलने की संभावना है। इससे विशेषज्ञ परामर्श और उन्नत उपचार के लिए दूसरे शहरों की यात्रा करने की जरूरत कुछ मरीजों के लिए कम हो सकती है।
हालांकि, नई सेवाएं कब से शुरू होंगी और किन विभागों में पहले सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, इसकी स्पष्ट समय-सीमा उपलब्ध जानकारी में नहीं बताई गई है।
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