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सीतापुर में स्कूलों की लापरवाही उजागर, दो विद्यालय मिले बंद; 19 शिक्षकों-कर्मचारियों का वेतन रोकने के निर्देश

सीतापुर में परिषदीय विद्यालयों की शैक्षिक व्यवस्था और शिक्षकों की उपस्थिति जांचने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने मंगलवार को कई स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान दो विद्यालय बंद पाए गए, जबकि एक अन्य स्कूल में निरीक्षण के समय कोई शिक्षक मौजूद नहीं था। इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित इंचार्ज प्रधानाध्यापकों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के लिए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा अनुपस्थित पाए गए करीब 19 शिक्षकों और कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने की कार्रवाई भी प्रस्तावित की गई। निरीक्षण के दौरान स्कूलों में साफ-सफाई और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली।

हजरतपुर के स्कूल में शिक्षक नहीं मिले

बीएसए ने बेहटा विकासखंड स्थित कंपोजिट विद्यालय हजरतपुर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में कोई भी शिक्षक उपस्थित नहीं मिला। इसके बाद बीएसए ने छात्र-छात्राओं और वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों के साथ प्रार्थना कराई।

विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाध्यापक सुरेंद्र कुमार राजवंशी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। उनका एक दिन का वेतन रोकने के साथ यह स्पष्ट करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी करने को कहा गया कि उनके विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई क्यों न की जाए।

सुबह करीब 9:18 बजे सहायक अध्यापिका जया लक्ष्मी विद्यालय पहुंचीं। निरीक्षण के समय अनुपस्थित पाए गए आठ सहायक अध्यापकों, दो शिक्षामित्रों और दो अनुदेशकों सहित अन्य संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने अनुपस्थित कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने और उनसे स्पष्टीकरण मांगने को कहा।

इस्माइलगंज प्राथमिक विद्यालय में लटका मिला ताला

सुबह करीब 9:30 बजे प्राथमिक विद्यालय इस्माइलगंज की जांच की गई। इस दौरान विद्यालय बंद मिला और बच्चे स्कूल के गेट के बाहर शिक्षकों के आने का इंतजार कर रहे थे। बच्चों ने बताया कि शिक्षक अक्सर सुबह 10 बजे के बाद विद्यालय पहुंचते हैं।

स्कूल बंद मिलने और बच्चों को इंतजार करना पड़ने के मामले को गंभीरता से लिया गया। इंचार्ज प्रधानाध्यापक अभिषेक जसवानी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के लिए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही तीन अन्य कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने और उनसे जवाब मांगने को कहा गया।

सुमेर विद्यालय में पढ़ाई के साथ सुविधाओं की भी जांच

सुबह करीब 9:57 बजे बीएसए प्राथमिक विद्यालय सुमेर पहुंचे। यहां बच्चों से हिंदी के शब्द लिखवाकर उनकी पढ़ाई के स्तर का आकलन किया गया। निरीक्षण में विद्यालय की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की जरूरत सामने आई।

स्कूल में हैंडवॉश की व्यवस्था, शौचालय, रंगाई-पुताई, बिजली और पंखों से संबंधित कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने इन व्यवस्थाओं को दिवाली से पहले दुरुस्त कराने पर जोर दिया, ताकि बच्चों को विद्यालय में बेहतर वातावरण मिल सके।

दरियाना स्कूल में बच्चों से हल कराए गणित के सवाल

बीएसए ने रेउसा विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय दरियाना का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने विद्यार्थियों से गणित के सवाल हल कराकर उनकी शैक्षिक समझ को परखा। साथ ही विद्यालय परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने और बच्चों के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण का उद्देश्य केवल शिक्षकों की उपस्थिति देखना ही नहीं, बल्कि बच्चों को मिल रही शिक्षा की गुणवत्ता और स्कूलों में उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति का आकलन करना भी था।

सिसैया और ढाखिन में अनुपस्थित शिक्षकों पर कार्रवाई

उच्च प्राथमिक विद्यालय सिसैया में निरीक्षण के दौरान दो शिक्षक अनुपस्थित मिले। इस पर संबंधित शिक्षकों का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए।

वहीं, रमुवापुर में सफाई से जुड़ी समस्याओं को दूर कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया। बेहटा विकासखंड के उच्च प्राथमिक विद्यालय ढाखिन में एक शिक्षक के अनुपस्थित पाए जाने पर उसका भी एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए।

स्कूलों में लापरवाही पर विभाग सख्त

औचक निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों के बाद शिक्षा विभाग ने संबंधित शिक्षकों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए हैं। विद्यालयों का समय से खुलना, शिक्षकों की नियमित उपस्थिति, बच्चों की पढ़ाई और साफ-सफाई जैसी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखना स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी है।

इस कार्रवाई के जरिए विभाग ने स्पष्ट किया कि स्कूलों में लापरवाही और शिक्षण व्यवस्था में कमी को गंभीरता से लिया जाएगा। संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण लेकर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

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