हिंदी सिनेमा के जाने-माने अभिनेता मुश्ताक खान का निधन हो गया है। अपने लंबे फिल्मी करियर में उन्होंने कॉमेडी से लेकर गंभीर और नकारात्मक किरदारों तक कई तरह की भूमिकाएं निभाईं। छोटे लेकिन प्रभावी किरदारों को अपनी अदाकारी और कॉमिक टाइमिंग से यादगार बनाने वाले मुश्ताक खान अब दर्शकों की यादों में रहेंगे।
मुश्ताक खान का 24 सितंबर को निधन हुआ। वह कैंसर से जूझ रहे थे और नानावटी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके बिजनेस पार्टनर के मुताबिक, अभिनेता को फेफड़ों का कैंसर था।
‘वेलकम’ के बल्लू ने खूब हंसाया
मुश्ताक खान को सबसे ज्यादा लोकप्रियता फिल्म ‘वेलकम’ में बल्लू के किरदार से मिली। फिल्म में वह उदय शेट्टी के गैंग का हिस्सा बने थे। फिल्म में उनका अंदाज और संवाद बोलने का तरीका दर्शकों को खूब पसंद आया।
उनका एक संवाद खास तौर पर काफी लोकप्रिय हुआ था—‘मेरी एक टांग नकली है, मैं हॉकी का बहुत बड़ा खिलाड़ी था।’ इस संवाद ने मुश्ताक खान के किरदार बल्लू को फिल्म के यादगार कॉमिक किरदारों में शामिल कर दिया।
पहली फिल्म से शुरू हुआ फिल्मी सफर
मुश्ताक खान ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत ‘अल्बर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है’ से की थी। इसके बाद उन्होंने हिंदी फिल्मों में लगातार काम किया और अलग-अलग तरह के किरदार निभाए।
उनकी फिल्मोग्राफी में ‘आशिकी’, ‘सड़क’, ‘दिल है कि मानता नहीं’, ‘राजा’, ‘हम हैं राही प्यार के’, ‘जोड़ी नंबर वन’, ‘मुझसे शादी करोगी’, ‘गदर’, ‘वांटेड’, ‘राउडी राठौड़’, ‘ओह माय गॉड’, ‘स्त्री’, ‘वेलकम बैक’, ‘बधाई दो’ और ‘स्त्री 2’ जैसी फिल्में शामिल हैं।
उन्होंने सपोर्टिंग रोल्स के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई। पर्दे पर उनका छोटा सा रोल भी कई बार कहानी में कॉमेडी का अहम हिस्सा बन जाता था।
आखिरी दौर तक फिल्मों में रहे सक्रिय
मुश्ताक खान उम्र बढ़ने के बावजूद फिल्मों में सक्रिय रहे। उन्हें हाल के वर्षों में ‘वनवास’, ‘बेबी जॉन’, ‘धूम धाम’, ‘जाट’ और ‘हम अंग्रेजों के जमाने के जेलर हैं’ जैसी फिल्मों में देखा गया।
उनका करियर इस बात की मिसाल रहा कि सपोर्टिंग कलाकार भी अपने अभिनय से दर्शकों के बीच अलग पहचान बना सकता है।
जब मुश्ताक खान के अपहरण की खबर आई थी
मुश्ताक खान ने अपने जीवन के एक बेहद मुश्किल दौर के बारे में भी सार्वजनिक रूप से बात की थी। उनके मुताबिक, एक अवॉर्ड कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बुलाए जाने के दौरान उनका अपहरण कर लिया गया था।
उन्होंने बताया था कि कार्यक्रम में अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों को सम्मानित किया जाना था और वरिष्ठ कलाकारों को फीस देने की बात कही गई थी। उन्हें एडवांस रकम भी दी गई थी और यात्रा की व्यवस्था की गई थी।
मुश्ताक खान के अनुसार, यात्रा के दौरान मेरठ के पास उन्हें अगवा कर लिया गया। उन्होंने दावा किया था कि अपहरणकर्ताओं ने उनके परिवार से करीब एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी और उन्हें कई घंटों तक बंधक बनाकर रखा गया।
अभिनेता ने अपने पुराने बयान में बताया था कि करीब 12 घंटे तक मुश्किल हालात में रहने के बाद वह किसी तरह वहां से निकलने में कामयाब हुए और अपनी जान बचाई।
यादों में रहेंगे मुश्ताक खान
मुश्ताक खान ने अपने करियर में फिल्मों और टेलीविजन दोनों माध्यमों में काम किया। उनकी खास पहचान उनकी सहज कॉमेडी और सपोर्टिंग किरदारों से बनी।
‘वेलकम’ का बल्लू हो या दूसरी फिल्मों के छोटे-बड़े किरदार, मुश्ताक खान ने अपनी मौजूदगी से उन्हें यादगार बनाने की कोशिश की। उनके निधन के साथ हिंदी सिनेमा ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया, जिसने पर्दे पर अपने अंदाज से लंबे समय तक दर्शकों का मनोरंजन किया।
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