मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़ी फायरिंग की घटना के बाद उनकी टीम ने सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार किए गए वीडियो पर कड़ी आपत्ति जताई है। टीम का कहना है कि घटना को लेकर अभिनेता के नाम से झूठे बयान और मनगढ़ंत वीडियो प्रसारित किए जा रहे हैं। ऐसे कंटेंट से लोगों के बीच भ्रम फैल रहा है। टीम ने स्पष्ट किया है कि गलत जानकारी बनाने और उसे प्रसारित करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
टीम ने अपने बयान में यह भी साफ किया कि टाइगर श्रॉफ ने घटना को लेकर अपनी ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। उनके नाम से प्रसारित किए जा रहे वीडियो, संदेशों और अन्य सामग्री को वास्तविक मानने से पहले उनकी सत्यता की जांच करना जरूरी है।
टाइगर श्रॉफ की टीम ने जारी किया बयान
फायरिंग की घटना के बाद टाइगर श्रॉफ की टीम ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही सामग्री को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की। टीम के मुताबिक, अभिनेता की ओर से न तो कोई वीडियो साझा किया गया है और न ही किसी वायरल संदेश या बयान को उनकी सहमति प्राप्त है।
टीम ने लोगों से अपील की कि घटना से जुड़ी किसी भी अपुष्ट जानकारी को अभिनेता के नाम से साझा न करें। उसका कहना है कि बिना पुष्टि के ऐसी सामग्री प्रसारित करने से गलत खबरों को बढ़ावा मिलता है और आम लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा होती है।
AI से तैयार वीडियो और मनगढ़ंत खबरों पर जताई नाराजगी
टीम ने खासतौर पर उन वीडियो और तस्वीरों पर चिंता जताई, जिन्हें AI की मदद से तैयार करके टाइगर श्रॉफ से जोड़कर पेश किया जा रहा है। उसके अनुसार, सोशल मीडिया पर कुछ अकाउंट कथित तौर पर ऐसी सामग्री के जरिए घटना को लेकर मनगढ़ंत कहानियां फैला रहे हैं।
टीम ने स्पष्ट किया कि इस तरह की सामग्री को अभिनेता का वास्तविक बयान या आधिकारिक प्रतिक्रिया समझना गलत होगा। उसने ऐसे कंटेंट से दूरी बनाते हुए कहा कि भ्रामक जानकारी फैलाने की गतिविधियों को गंभीरता से लिया जा रहा है।
AI तकनीक से तैयार तस्वीरों और वीडियो को वास्तविक घटनाओं की तरह प्रस्तुत किए जाने से दर्शकों को सही और गलत जानकारी के बीच अंतर करने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में किसी भी वीडियो की प्रामाणिकता की जांच करना महत्वपूर्ण है।
सोशल मीडिया पेजों और मीडिया संस्थानों को चेतावनी
टाइगर श्रॉफ की टीम ने डिजिटल प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया पेजों और मीडिया संस्थानों से अपील की है कि वे कोई भी खबर प्रकाशित करने से पहले उसकी पुष्टि करें। टीम ने कहा कि केवल व्यूज या कमाई बढ़ाने के लिए गलत और भ्रामक सामग्री प्रसारित करना उचित नहीं है।
टीम ने चेतावनी दी कि जानबूझकर झूठी सामग्री तैयार करने या उसे फैलाने वाले व्यक्तियों और पेजों के खिलाफ कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं। उसने यह भी कहा कि इस तरह की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
इस बयान के जरिए टीम ने साफ संदेश दिया है कि अभिनेता के नाम का इस्तेमाल करके फर्जी बयान या AI से तैयार वीडियो प्रसारित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का रास्ता अपनाया जा सकता है।
जुहू में फायरिंग की घटना से मचा था हड़कंप
बताए गए घटनाक्रम के अनुसार, रविवार 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में फुटबॉल मैच खेलने के बाद टाइगर श्रॉफ अपने ड्राइवर के साथ कार से घर लौट रहे थे। इसी दौरान बाइक पर सवार तीन युवकों में से दो ने उनकी गाड़ी पर गोलीबारी की।
घटना के विवरण के मुताबिक, एक हमलावर ने कथित तौर पर सात राउंड फायर किए, जबकि दूसरे की बंदूक जाम होने के कारण गोली नहीं चल सकी। इस घटना में टाइगर श्रॉफ को हाथ और छाती के आसपास मामूली चोट लगने की जानकारी दी गई। उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की बात भी सामने आई।
हालांकि, घटना के सभी विवरणों, घायलों की स्थिति और जांच की मौजूदा प्रगति की पुष्टि संबंधित पुलिस अधिकारियों के आधिकारिक बयानों से की जानी चाहिए।
फर्जी खबरों से बचने की अपील
फायरिंग की घटना के बाद अभिनेता के नाम से प्रसारित हो रही सामग्री को लेकर उनकी टीम ने लोगों से सतर्क रहने का आग्रह किया है। टीम का कहना है कि किसी भी बयान या वीडियो को वास्तविक मानने से पहले यह देखना चाहिए कि उसे अभिनेता या उनके आधिकारिक प्रतिनिधियों ने जारी किया है या नहीं।
इस पूरे मामले में टीम का मुख्य संदेश यही है कि संवेदनशील घटनाओं से जुड़ी अपुष्ट जानकारी और AI से बनाए गए भ्रामक वीडियो साझा करने से बचा जाए। साथ ही, गलत सामग्री तैयार करने और उसे जानबूझकर प्रसारित करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
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