लखनऊ : बड़ी अकीदत के साथ निकाला गया गिलिम का जुलूस।
19वी रमज़ान को मस्जिद-ए-कूफा से निकाला गया गिलीम का जुलूस।
ग़मगीन माहौल में ऐतिहासिक जुलूस को अपने रिवायती अंदाज में निकाला गया। शिया समुदाय के पहले इमाम हजरत अली (अस) को इराक की मस्जिद कूफा में नमाज के दौरान तलवार से हमला कर सिर पर गहरा घाव कर दिया था।
उंसके बाद 21वी रमज़ान को हज़रत अली (अस) की शहादत हो गयी थी।
जिसकी याद में शहर भर में रमज़ान माह में उनकी याद में जुलूस निकाला जाता है।
आज 19वी रमज़ान को नमाज फज्र के बाद जुलूस को रोजा ए काजमैन होते हुए पाटा नाला स्थित मौलाना मुत्तक़ी ज़ैदी के अजाखाने ले जाया जाता है।
इस जुलूस में बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे शिरकत कर हज़रत अली को पुरसा पेश करते है।
Global Express Live