Breaking News

पाकिस्तान को बाढ़ अलर्ट क्यों नहीं भेजा? भारत सरकार ने दी सफाई, सिंधु जल संधि पर भी दोहराया रुख

भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि हाल के दिनों में पाकिस्तान को किसी भी प्रकार की बाढ़ संबंधी चेतावनी इसलिए नहीं भेजी गई, क्योंकि सीमा पार बहने वाली नदियों में जलस्तर असाधारण बाढ़ की स्थिति तक नहीं पहुंचा था। सरकार के अनुसार, मौजूदा परिस्थितियों में अलर्ट जारी करने की आवश्यकता नहीं थी।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, चिनाब (अखनूर), तवी (जम्मू), सतलुज (फिरोजपुर) और रावी (माधोपुर) नदियों में जलप्रवाह निर्धारित उच्च बाढ़ स्तर से काफी नीचे है। ऐसे में सिंधु जल संधि के तहत पाकिस्तान को बाढ़ संबंधी सूचना भेजने की कोई बाध्यता नहीं बनती।

सूत्रों ने बताया कि सिंधु जल संधि के अनुच्छेद IV(8) के अनुसार बाढ़ संबंधी जानकारी तभी साझा की जाती है, जब असाधारण जलप्रवाह या बाढ़ की स्थिति दूसरे देश को प्रभावित करने की संभावना हो। फिलहाल ऐसी स्थिति नहीं होने के कारण कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया।

सरकार ने यह भी याद दिलाया कि अप्रैल 2025 में भारत ने सिंधु जल संधि को स्थगित रखने का फैसला किया था। इसके बावजूद भारत मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उन परिस्थितियों में बाढ़ संबंधी सूचनाएं साझा करता रहा है, जब वास्तविक रूप से गंभीर बाढ़ का खतरा उत्पन्न होता है।

सरकारी जानकारी के अनुसार, बाढ़ संबंधी सूचनाओं का आदान-प्रदान केवल चिनाब, तवी, रावी और सतलुज के अंतिम निगरानी केंद्रों पर दर्ज असाधारण जलप्रवाह की स्थिति में किया जाता है। संधि में इसके लिए कोई निश्चित जलस्तर निर्धारित नहीं है, बल्कि भारत-पाकिस्तान सिंधु आयोग की स्थापित कार्यप्रणाली के आधार पर इसका आकलन किया जाता है।

सरकार ने बताया कि वर्ष 2025 के बाढ़ सीजन के दौरान भारत ने भारतीय उच्चायोग के माध्यम से पाकिस्तान को 23 बार बाढ़ संबंधी चेतावनियां भेजी थीं। वर्ष 2026 में भी आवश्यकता पड़ने पर यही व्यवस्था लागू रहेगी, लेकिन वर्तमान में जलस्तर सामान्य होने के कारण किसी चेतावनी की जरूरत नहीं पड़ी।

इस बीच संयुक्त राष्ट्र में भारत ने सिंधु जल संधि को लेकर अपना रुख दोहराते हुए कहा कि सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देश के साथ सामान्य सहयोग संभव नहीं है। भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने कहा कि मूल समस्या जल नहीं, बल्कि आतंकवाद है और जब तक सीमा पार आतंकवाद पर प्रभावी रोक नहीं लगती, भारत अपने वर्तमान रुख पर कायम रहेगा।

About GE-Live

Check Also

सर्जिकल स्ट्राइक के 10 साल पूरे होने से पहले पीएम मोदी ने आतंकवाद पर कही बड़ी बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 27 सितंबर 2026 को प्रसारित ‘मन की बात’ कार्यक्रम में …