पश्चिम बंगाल के रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव से पहले आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख हुमायूं कबीर और पुलिस के बीच विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। एक वायरल ऑडियो से जुड़े मामले में पुलिस ने कबीर को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया था। इसके बाद उन्होंने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के खिलाफ हो रही पुलिस कार्रवाई को लेकर चुनाव आयोग से शिकायत की है।
रेजीनगर सीट पर उपचुनाव 6 अक्टूबर 2026 को होना है। चुनाव से पहले कबीर ने आरोप लगाया है कि उनकी पार्टी से जुड़े लोगों को लगातार गिरफ्तार किया जा रहा है और इससे चुनावी माहौल प्रभावित हो रहा है। हालांकि, पुलिस की ओर से की गई कार्रवाइयों के पीछे अलग-अलग मामलों की जांच का हवाला दिया गया है।
वायरल ऑडियो मामले में पुलिस ने भेजा नोटिस
रिपोर्टों के मुताबिक, बहरमपुर पुलिस ने एक वायरल ऑडियो से जुड़े मामले में हुमायूं कबीर को पूछताछ के लिए नोटिस दिया था। पुलिस के अनुसार, ऑडियो की जांच के दौरान कथित तौर पर दो समुदायों के बीच तनाव पैदा करने की साजिश से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। यह मामला 14 सितंबर को दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।
कबीर से पुलिस ने पूछताछ भी की है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, उनसे करीब साढ़े चार घंटे तक पूछताछ हुई और उन्हें दोबारा 23 सितंबर को पेश होने के लिए कहा गया है। कबीर ने इस कार्रवाई के बीच अपनी गिरफ्तारी की आशंका भी जताई है।
पार्टी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर EC से शिकायत
हुमायूं कबीर की पार्टी की ओर से चुनाव आयोग को भेजे गए पत्र में दावा किया गया है कि चुनाव से पहले उसके नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। पत्र में कई पार्टी पदाधिकारियों और समर्थकों की गिरफ्तारी का उल्लेख करते हुए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं।
पार्टी ने आरोप लगाया है कि उसके कुछ नेताओं पर नकली नोट और अवैध हथियार रखने जैसे आरोप लगाए गए हैं और उन्हें हिरासत में लिया गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस की कार्रवाई संबंधित मामलों की जांच के आधार पर बताई गई है।
कई पुलिस अधिकारियों को हटाने की मांग
चुनाव आयोग को भेजे गए पत्र में AJUP ने चुनाव के दौरान निष्पक्ष माहौल सुनिश्चित करने के लिए कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को मौजूदा जिम्मेदारियों से हटाने की मांग की है।
पार्टी ने बहरमपुर के पुलिस अधीक्षक के साथ बेलडांगा, रेजीनगर और शक्तिपुर थानों के संबंधित अधिकारियों को हटाने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि ऐसा होने से मतदाता बिना दबाव के मतदान कर सकेंगे। यह मांग फिलहाल पार्टी की ओर से की गई शिकायत का हिस्सा है।
प्रचार से भी दूर हुए हुमायूं कबीर
पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद के बीच हुमायूं कबीर ने रेजीनगर उपचुनाव के जमीनी प्रचार से अलग रहने का ऐलान किया है। उनके बेटे गोलाम नबी आजाद AJUP के उम्मीदवार हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, कबीर ने कहा है कि वह सोशल मीडिया के जरिए पार्टी के प्रचार से जुड़े रहेंगे, जबकि उनका ध्यान पार्टी कार्यकर्ताओं को लेकर उठ रही चिंताओं पर रहेगा।
इससे पहले चुनाव आयोग ने उपचुनाव के लिए AJUP के चुनाव चिन्ह में भी बदलाव किया है। पार्टी को पहले इस्तेमाल किए गए ‘व्हिसल’ चिन्ह की जगह ‘टेबल’ चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया है।
6 अक्टूबर को होना है रेजीनगर उपचुनाव
रेजीनगर विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर को मतदान और 9 अक्टूबर को मतगणना निर्धारित है। यह सीट हुमायूं कबीर के 2026 के विधानसभा चुनाव में रेजीनगर और नवदा दोनों सीटों से जीतने के बाद रेजीनगर सीट छोड़ने से खाली हुई थी। अब उपचुनाव में उनके बेटे गोलाम नबी आजाद AJUP के उम्मीदवार हैं।
उपचुनाव से पहले पुलिस कार्रवाई, पार्टी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी और हुमायूं कबीर की चुनाव आयोग से शिकायत ने रेजीनगर में चुनावी गतिविधियों को चर्चा में ला दिया है।
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