Breaking News

Bad Breath Problem: मुंह की बदबू का कारण बनती हैं खराब लाइफस्टाइल आदतें, इन्हें बदलकर सुधारी जा सकती है ओरल हेल्थ

 

मुंह से बदबू आने को चिकित्सकीय भाषा में हेलिटोसिस कहा जाता है। यह एक बेहद आम और परेशान करने वाली समस्या है। यह एक ऐसी समस्या है, जिससे व्यक्ति के सामाजिक जीवन और मानसिक आत्मविश्वास पर भी गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। अगर आप किसी से बात कर रहे हैं, साथ ही लगातार अपनी सांसों को लेकर परेशान हैं, तो यह स्थिति काफी असहज हो सकती है। इस समस्या की वजह से हमारी कुछ रोजमर्रा की खराब आदतें होती हैं। जिनको हम अनजाने में अपनाते हैं।

कई बार अनुचित खानपान, एक अनियमित लाइफस्टाइल और खराब मौखिक स्वच्छता इसके कुछ प्रमुख कारण हैं। अच्छी बात यह है कि यह लाइलाज बीमारी नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी स्थिति है, जिसे सही जानकारी और कुछ आसान बदलावों से आसानी से ठीक किया जा सकता है

मुंह की बदबू के कारण

मुंह की बदबू का सबसे बड़ा कारण मौखिक साफ-सफाई न रखना है। इसके अलावा दिन में दो बार ब्रश न करना, फ्लॉसिंग और जीभ की सफाई न करने से परहेज करने से मुंह में बैक्टीरिया पनपते हैं। जोकि बदबू का कारण बन सकते हैं। वहीं प्याज, लहसुन और शराब का सेवन भी दुर्गंध को बढ़ा सकता है। तंबाकू और धूम्रपान उत्पाद न सिर्फ दांतों को खराब करते हैं, बल्कि मुंह में लगातार बदबू भी पैदा कर सकते हैं। वहीं मुंह में कम पानी आने से मुंह सूखता है, जिससे लार का उत्पादन कम होता है और बैक्टीरिया बढ़ते हैं।

लाइफस्टाइल संबंधी आदतें

कुछ मामलों में पेट की गड़बड़ी, मधुमेह या साइनेस इंफेक्शन के लक्षण होने पर मुंह से बदबू आ सकती है। वहीं अपर्याप्त नींद, अनियमित दिनचर्या, देर रात तक जागना, तनाव और लार का प्रवाह भी बदबू की समस्या को बढ़ा सकती है। ऐसे में इन कारणों को समझना और समाधान करना बेहद जरूरी होता है। क्योंकि यह न सिर्फ मुंह से बदबू बल्कि आपकी पूरी सेहत को प्रभावित कर सकता है।

जानिए आसान और प्रभावी उपाय

मुंह की बदबू से बचने के लिए मौखिक स्वच्छता अपनाना चाहिए। इसके लिए दिन में दो बार ब्रश करें और जीभ को स्क्रेपर से साफ करना चाहिए। वहीं फ्लॉसिंग से दांतों के बीच की गंदगी को हटाना चाहिए और पर्याप्त मात्रा में पानी भी जरूरी है। दिन में 8-10 गिलास पानी पीना चाहिए, क्योंकि यह लार उत्पादन को बढ़ाता है। वहीं बैक्टीरिया को नियंत्रित करने में भी लार अहम भूमिका निभाती है। आप चाहें तो माउथवॉश का भी इस्तेमाल कर सकती हैं, यह बैक्टीरिया को भी कम करता है।

डाइट और लाइफस्टाइल में करें सुधार

हर व्यक्ति को संतुलित आहार लेना चाहिए, जिनमें फल, हरी सब्जियां और प्रोबायोटिक्स युक्त खाद्य पदार्थ जैसे दही शामिल करना चाहिए। धूम्रपान और तंबाकू से बचना चाहिए। क्योंकि यह मुंह में बदबू को बढ़ाते हैं और मसूड़ों की बीमारियों का भी कारण बनते हैं। वहीं पर्याप्त नींद, नियमित व्यायाम और तनाव प्रबंधन से लार का प्रवाह सामान्य है। वहीं अगर लगातार समस्या बनी रहती है, तो डेंटिस्ट से परामर्श करें।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

About GE-Live

Check Also

गर्मियों में दही खाते समय न करें ये आम गलतियां, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

गर्मियों के मौसम में दही को सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसमें …