नई दिल्ली: सऊदी अरब में मक्का के पास ड्रोन हमले की घटना पर भारत ने चिंता जताते हुए इसकी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत सऊदी अरब के संप्रभु क्षेत्र पर होने वाले हमलों और ऐसी किसी भी गतिविधि का विरोध करता है, जिससे नागरिकों की जान या महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को खतरा पैदा होता है।
भारत ने इस घटना को इसलिए भी गंभीर बताया है क्योंकि मक्का दुनिया भर के मुसलमानों के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है। विदेश मंत्रालय ने उम्मीद जताई कि क्षेत्र में जल्द शांति और स्थिरता कायम होगी।
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मक्का के पास ड्रोन हमले को लेकर पूछे गए सवाल पर भारत का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि भारत इस घटना को लेकर बेहद चिंतित है।
जायसवाल के मुताबिक, भारत सऊदी अरब की संप्रभु जमीन पर किसी भी हमले की निंदा करता है। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के लिए खतरा पैदा करने वाली गतिविधियां स्वीकार्य नहीं हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि मक्का के पास हुई घटना विशेष रूप से चिंता का विषय है, क्योंकि यह शहर दुनिया भर के मुसलमानों के लिए महत्वपूर्ण है।
हूती हमलों पर भी भारत ने जताई चिंता
रणधीर जायसवाल ने 15 सितंबर 2026 को सऊदी अरब के शहरों पर हुए हूती हमलों से जुड़े सवालों का भी जवाब दिया। उन्होंने बताया कि भारत के विदेश मंत्री ने BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान सऊदी अरब के विदेश मंत्री के साथ बैठक की थी।
इस बैठक में दोनों पक्षों के बीच क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। जायसवाल के अनुसार, बातचीत में हूतियों से जुड़ा मुद्दा भी शामिल था।
लाल सागर की बिगड़ती स्थिति पर भारत की नजर
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हाल में सऊदी अरब पर हुए हमले की भारत ने निंदा की है। उन्होंने लाल सागर क्षेत्र में बिगड़ती स्थिति पर भी चिंता जताई।
भारत के मुताबिक, सऊदी अरब की संप्रभु जमीन पर हुए हमलों में नागरिक बुनियादी ढांचे और आर्थिक परिसंपत्तियों को भी निशाना बनाया गया है। भारत ने कहा कि इस तरह की घटनाएं क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चुनौती पैदा करती हैं।
बाब-अल-मंदेब में नौवहन को लेकर चिंता
जायसवाल ने कहा कि क्षेत्र में जारी हमलों से बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के रास्ते नौवहन की स्वतंत्रता पर भी खतरा पैदा हो सकता है। भारत ने ऐसे घटनाक्रमों को लेकर चिंता व्यक्त की और क्षेत्र में जल्द शांति एवं स्थिरता बहाल होने की उम्मीद जताई।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए इस क्षेत्र से लंबे समय से ऊर्जा आपूर्ति होती रही है। ऐसे में क्षेत्रीय अस्थिरता का असर व्यापक स्तर पर पड़ सकता है।
भारत ने दोहराया कि नागरिकों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने वाले हमलों से क्षेत्रीय तनाव बढ़ता है और इसका समाधान शांति तथा स्थिरता की बहाली के जरिए होना चाहिए।
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