सोनिया के ‘चाणक्य’: कौन हैं किशोरी लाल शर्मा जिन्हें कांग्रेस ने अमेठी से चुनावी मैदान में उतारा
1-1999 के लोकसभा चुनाव में सोनिया की अमेठी से जीत में किशोरी लाल की अहम भूमिका रही।
2-केएल शर्मा अमेठी और रायबरेली की गली व मुहल्ले के एक-एक वोटर से सिधे जुड़े हैं।
3-1983 से रायबरेली और अमेठी में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
4-2004 में सोनिया गांधी रायबरेली से सांसद बनीं तो सांसद प्रतिनिधि की ज़िम्मेदारी संभाली।
अमेठी (UP) 3/5/2024,

कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के प्रतिनिधि व पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय सचिव किशोरी लाल शर्मा को पार्टी ने अमेठी से चुनावी मैदान में उतारा है। केएल शर्मा चुनावी रणनीति की कमान संभाले हुए थे। आइए जानते हैं कौन हैं केएल शर्मा, जिनपर कांग्रेस ने अमेठी जैसी हाईप्रोफाइल सीट पर दांव लगाया है।

आप सभी जानते हैं कि किशोरी लाल शर्मा जी अमेठी से चुनाव लड़ने जा रहे हैं।
किशोरी जी अमेठी की गांव-गलियों और कार्यकर्ताओं को बहुत अच्छी तरह से जानते हैं। वे यहां की समस्याओं को भी भली-भांति समझते हैं।
किशोरी जी पिछले 40 साल से आपकी सेवा कर रहे हैं। इसलिए मेरा विश्वास है कि आप सभी हमारे साथ मिलकर किशोरी जी को जीत दिलाएंगे। :- प्रियंका गांधी (अमेठी, उत्तर प्रदेश)

गांधी परिवार ने अपने खून पसीने से सींची धरती पर मुझ जैसे कार्यकर्ता को उम्मीदवार बनाया ये कर्ज़ मैं कभी नहीं उतार पाउंगा. राहुल जी का परिवार अमेठी इस बार विश्वास दिलाता है की अब गलती नहीं करेगा, कांग्रेस जीतेगी.
सोनिया गाँधी जी, प्रियंका जी और राहुल गांधी जी का आभार। :-किशोरी लाल शर्मा (अमेठी, उत्तर प्रदेश)
केएल शर्मा मूल रूप से लुधियाना के रहने वाले हैं। वह लंबे समय से गांधी परिवार के करीबी हैं। अमेठी व रायबरेली में वही चुनावी रणनीति बनाने और संचालित करने का काम करते आए हैं। किशोरी लाल को सोनिया के लिए चाणक्य का किरदार निभाने वाला माना जाता है। वह 1983 से रायबरेली और अमेठी में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
कैप्टन सतीश शर्मा और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी दोनों मित्र थे। पुराने कांग्रेसी बताते हैं कि कैप्टन शर्मा के माध्यम से ही किशोरी लाल राजीव गांधी के संपर्क में आए। तब वह नेहरू युवा केंद्र के जिला युवा समन्वक की नौकरी छोड़कर कैप्टन सतीश शर्मा के साथ अमेठी आए। जब राजीव अमेठी के सांसद रहे तो किशोरी, कैप्टन शर्मा के साथ मिलकर उनका काम देखते थे।

सोनिया की जीत में अहम भूमिका
राजीव ने सबसे पहले इन्हें तिलोई विधानसभा की जिम्मेदारी दी, जो उस समय जनपद में शामिल रहा। 1999 के लोकसभा चुनाव में सोनिया की अमेठी से जीत में किशोरी लाल की अहम भूमिका रही। चुनाव के बाद पांच साल तक किशोरी ने अमेठी में रहकर पूरी जिम्मेदारी संभाली।

सांसद प्रतिनिधि की संभाली जिम्मेदारी
2004 में सोनिया गांधी रायबरेली से सांसद बनीं तो सांसद प्रतिनिधि की जिम्मेदारी संभाली। सांसद सोनिया गांधी की अनुपस्थिति में भी उनके कार्यालय आने वाले हर एक जरूरतमंद की हरसंभव मदद की। इसके बाद के चुनावों में उनके कुशल प्रबंधन का ही नतीजा रहा कि सोनिया को शानदार जीत मिली।
ग्लोबल एक्सप्रेस की टीम ने तिलोई, इनहोना,मुसाफ़िर ख़ाना होते हुए जो अमेठी का जायज़ा लिया तो इस बार जनता में राहुल गांधी के न होने का अहसास दिखा और के०एल० शर्मा के लिए लोगों का जो लगाव दिखाई दिया उस से चौकाने वाले नतीजे सामने आ सकते हैं। अमेठी की जनता एैसा ही नेता चाहती है जो अमेठी की गलियों को जानता हो,

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