रूस और यूक्रेन के बीच पिछले तीन वर्षों से जारी युद्ध के बीच दोनों देशों की सेनाओं के बीच हमलों का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में रूस ने शुक्रवार (7 नवंबर 2025) रात से शनिवार (8 नवंबर 2025) सुबह तक ड्रोन और मिसाइलों से भीषण हमला किया। इस हमले में दो परमाणु ऊर्जा संयंत्रों—खमेलनित्सकी और रिव्ने—को बिजली देने वाले सबस्टेशनों को निशाना बनाया गया।
यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रेई सिबिहा ने कहा कि ये हमले जानबूझकर किए गए हैं और रूस ने यूरोप की परमाणु सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है। हमलों में कम से कम सात लोगों की मौत हुई और कई घायल हुए। नीपर शहर में एक ड्रोन के आवासीय इमारत पर गिरने से तीन लोगों की मौत हुई, जबकि ज़ापोरिज्जिया में तीन और खार्किव में एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई।
प्रधानमंत्री यूलिया स्विरीडेंको ने बताया कि इन हमलों से कीव, पोल्टावा और खार्किव क्षेत्रों में ऊर्जा अवसंरचना को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे हजारों घरों में बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित हुई है। पोल्टावा में अधिकारियों ने पानी उपलब्ध कराने के लिए जनरेटरों का उपयोग शुरू किया है। सरकारी ऊर्जा कंपनी त्सेंट्रेनेर्गो ने इसे फरवरी 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद से सबसे बड़ा हमला बताया। कंपनी के अनुसार, दुश्मन ने एक साथ सभी उत्पादन इकाइयों पर हमला किया, जिससे संयंत्रों में आग लग गई और बिजली उत्पादन शून्य हो गया। त्सेंट्रेनेर्गो यूक्रेन की लगभग 8% बिजली का उत्पादन करती है, इसलिए इन हमलों से राष्ट्रीय पावर ग्रिड पर गंभीर असर पड़ा है।
परमाणु सुरक्षा को लेकर चिंताओं के बीच विदेश मंत्री सिबिहा ने अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की तत्काल बैठक बुलाने की मांग की है। उन्होंने चीन और भारत से अपील की कि वे रूस पर दबाव डालें ताकि वह ऐसे हमले बंद करे, जो किसी भी समय विनाशकारी परमाणु दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। इससे पहले भी रूस ने ज़ापोरिज्जिया परमाणु संयंत्र के पास गोलाबारी की थी, जिससे यूरोप में रेडिएशन खतरे की स्थिति उत्पन्न हुई थी।
रूस के रक्षा मंत्रालय ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये हमले यूक्रेन द्वारा रूस के भीतर किए गए ड्रोन हमलों के जवाब में किए गए हैं। मंत्रालय ने बताया कि रूस ने हथियार उत्पादन इकाइयों, गैस और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर उच्च-सटीक लंबी दूरी के हवाई, जमीनी और समुद्री हथियारों से हमला किया।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से रूस के ऊर्जा क्षेत्र पर कड़े प्रतिबंध लगाने की अपील की। उन्होंने बताया कि रूस ने एक ही रात में 450 ड्रोन और 45 मिसाइलें दागीं। यूक्रेनी वायुसेना के अनुसार, इनमें से 406 ड्रोन और 9 मिसाइलों को मार गिराया गया, लेकिन 26 मिसाइलें और 52 ड्रोन 25 ठिकानों पर गिरे।
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