प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम 5 बजे देशवासियों को संबोधित करेंगे। इस संबोधन में आर्थिक और विदेश मामलों समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर पीएम मोदी अपनी बात रख सकते हैं। इनमें अमेरिका की ओर से लगाए 50 फीसदी टैरिफ, हाल ही में किए गए H-1B वीजा नियमों में बदलाव और GST सुधार जैसे मुद्दे शामिल हो सकते हैं। हालांकि सरकार की तरफ से मुद्दों के बारे में आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने बार-बार स्वदेशी अपनाने का संदेश दिया है और नागरिकों से अपने दैनिक जीवन में भारतीय उत्पादों और सेवाओं को प्राथमिकता देने का आह्वान किया है। उनका कहना है कि स्वदेशी अपनाना सिर्फ आर्थिक मजबूती का विषय नहीं, बल्कि देश की आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक गौरव को बढ़ावा देने का जरिया है। उन्होंने उद्योगों और आम लोगों से आग्रह किया है कि वे स्थानीय उत्पादों का इस्तेमाल करें, ताकि रोजगार बढ़े और भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बने।
भारत-अमेरिका टैरिफ विवाद
अमेरिका ने जुलाई 2025 में भारत पर reciprocal tariff लगाया, जिसका उद्देश्य भारत पर अमेरिका के लिए बाजार खोलना था। लेकिन जब भारत ने इसके लिए हामी नहीं भरी तो अमेरिका ने 25 फीसदी टैरिफ लगा दिया, जो 7 अगस्त से लागू हो गया। इसके अलावा रूस से तेल खरीदने की वजह से अमेरिका ने भारत पर अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ और जोड़ दिया। यह 27 अगस्त से प्रभावी हुआ, जिसके बाद भारत पर कुल 50 फीसदी का टैरिफ लागू हो गया। इस मुद्दे पर पीएम मोदी ने कहा था कि वे किसी भी कीमत पर विदेशी ताकतों के आगे नहीं झुकेंगे और किसानों के हित से कभी समझौता नहीं करेंगे।
भारत का GST रिफॉर्म
भारत की टैक्स व्यवस्था में 2025 एक ऐतिहासिक साल साबित हो रहा है। केंद्र सरकार ने नए GST रेट्स का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। ये नई दरें 22 सितंबर 2025 से पूरे देश में लागू होंगी। इस बदलाव की सबसे खास बात यह है कि पहले जीएसटी में 5 मुख्य स्लैब थे – 0%, 5%, 12%, 18% और 28%, लेकिन अब सरकार ने 12% और 28% वाले स्लैब को पूरी तरह खत्म कर दिया है। इसके स्थान पर अब केवल दो मुख्य दरें 5% और 18% लागू होंगी। इसके अलावा, सिन और लक्ज़री सामानों जैसे पान मसाला, गुटखा, सिगरेट, शराब और लग्ज़री कारों के लिए एक 40% हाई टैक्स रेट तय किया गया है। पहले इन पर उपकर (Cess) भी लगता था, लेकिन अब इसे हटा दिया गया है।
H-1B वीजा नियमों में बदलाव
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत H-1B वीजा फीस बढ़ाकर 1,00,000 अमेरिकी डॉलर कर दी गई है। इस कदम से अमेरिका में काम करने वाले भारतीय पेशेवरों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। अगर यह नियम लागू रहता है तो कुशल अंतरराष्ट्रीय कर्मचारियों को नियुक्त करने वाली कंपनियों को इस वीजा पर काम करने वाले किसी भी कर्मचारी के लिए छह साल तक हर साल 1,00,000 अमेरिकी डॉलर का भुगतान करना होगा। यह शुल्क केवल नए आवेदकों पर लागू होगा। नया नियम 21 सितंबर से लागू हो जाएगा।
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