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नौशेरा में सैन्य ठिकाने पर ड्रोन हमले के बाद हड़कंप, अफगान मूल के परिवारों पर पुलिस की कार्रवाई

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वाह प्रांत के नौशेरा क्षेत्र में स्थित सेना के आर्टिलरी ट्रेनिंग स्कूल के आसपास दोपहर के समय दो बड़े ड्रोन हमले किए गए। पहला ड्रोन सीधे ट्रेनिंग स्कूल के परिसर में बने परीक्षा हॉल पर गिरा, जिससे इमारत को भारी नुकसान पहुंचा। दूसरा ड्रोन स्कूल के नजदीक आकर गिरा। इन हमलों के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और सैन्य प्रतिष्ठानों के आसपास अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने नौशेरा कैंट क्षेत्र में रह रहे अफगान मूल के लोगों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि आर्टिलरी स्कूल के पास 100 से अधिक अफगान मूल के परिवार रहते हैं, जो 1990 के दशक में अफगानिस्तान की अस्थिर परिस्थितियों के दौरान पाकिस्तान आकर बस गए थे। समय के साथ इनके बच्चों और अगली पीढ़ी का जन्म भी पाकिस्तान में हुआ और उन्हें राष्ट्रीय पहचान पत्र (CNIC) भी जारी किए गए।

हालांकि, पिछले वर्ष दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बाद पाकिस्तान सरकार ने अफगान मूल के कई लोगों को देश छोड़ने का निर्देश दिया था। इस फैसले के खिलाफ कई परिवारों ने पेशावर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की, जो अब भी विचाराधीन है।

ड्रोन हमलों के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने सख्ती बढ़ाते हुए कार्रवाई तेज कर दी। बताया गया कि जब कुछ लोग रमजान के दौरान नमाज अदा कर रहे थे, तभी पुलिस वहां पहुंची और पूछताछ के लिए उन्हें हिरासत में लेना शुरू कर दिया। इस दौरान कुछ लोग मौके से निकल गए, जबकि 15 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया।

हिरासत में लिए गए लोगों को आगे की पूछताछ के लिए सैन्य खुफिया एजेंसियों को सौंपा गया है। उन पर आरोप है कि वे हमलावरों को संवेदनशील सूचनाएं उपलब्ध कराने में शामिल हो सकते हैं। पूरे मामले के बाद नौशेरा और आसपास के सैन्य क्षेत्रों में सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है।

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