उत्तर कोरिया ने रविवार को अपने नए विध्वंसक पोत ‘चोए ह्योन’ से रणनीतिक क्रूज मिसाइलों और एंटी-शिप मिसाइलों का परीक्षण किया है। इस परीक्षण की जानकारी मंगलवार को राज्य मीडिया द्वारा दी गई, जिसमें बताया गया कि देश के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन भी मौके पर मौजूद थे और उन्होंने पूरी प्रक्रिया का निरीक्षण किया।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस परीक्षण का उद्देश्य जहाज के एकीकृत हथियार नियंत्रण प्रणाली की जांच करना, मिसाइल लॉन्च प्रक्रिया का अभ्यास करना और नेविगेशन व एंटी-जैमिंग क्षमताओं का मूल्यांकन करना था। इस दौरान कुल दो रणनीतिक क्रूज मिसाइलें और तीन एंटी-शिप मिसाइलें दागी गईं, जिन्होंने अपने लक्ष्यों को सटीकता से भेदने का दावा किया गया है।
मिसाइलों की उड़ान का समय भी रिपोर्ट में बताया गया, जिसके अनुसार क्रूज मिसाइलें लगभग 7,800 सेकंड से अधिक समय तक और एंटी-शिप मिसाइलें लगभग 1,900 सेकंड तक हवा में रहीं।
इसी दौरान किम जोंग उन को निर्माणाधीन दो और विध्वंसक जहाजों की योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई, जो मौजूदा ‘चोए ह्योन’ श्रेणी के विस्तार का हिस्सा माने जा रहे हैं।
किम जोंग उन ने इस मौके पर देश की परमाणु क्षमता को और मजबूत करने पर जोर दिया और सेना को हर स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया।
उत्तर कोरिया इससे पहले भी 2025 में इसी श्रेणी के 5000 टन के युद्धपोत का परीक्षण कर चुका है। अब देश की योजना हर साल ऐसे और उन्नत विध्वंसक जहाजों को अपने बेड़े में शामिल करने की बताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया अब केवल अलग-अलग हथियारों पर नहीं, बल्कि एक संगठित नौसैनिक बेड़ा तैयार करने पर ध्यान दे रहा है। इससे उसकी समुद्री और मिसाइल क्षमता में तेजी से विस्तार हो रहा है।
जानकारों के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर मौजूदा संघर्षों और अंतरराष्ट्रीय ध्यान के बंटे होने का फायदा उठाकर उत्तर कोरिया अपनी सैन्य ताकत को तेजी से बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहा है।
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