अमेरिकी राष्ट्रपति और रूसी राष्ट्रपति 15 अगस्त को अलास्का में मिलने वाले हैं। इस मुलाकात पर पूरी दुनिया की नजर है, क्योंकि इसमें रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर बड़े फैसले होने की संभावना है। इसी बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमीर जेलेंस्की ने साफ कहा है कि रूस के साथ किसी भी हाल में जमीन का सौदा नहीं होगा। वहीं, अमेरिकी पक्ष से यह संकेत मिलता रहा है कि युद्ध खत्म करने के लिए किसी न किसी तरह जमीन की अदला-बदली हो सकती है।
रूस को नहीं सौंपेंगे डोनबास
जेलेंस्की ने स्पष्ट कर दिया कि वह डोनबास का क्षेत्र रूस को नहीं देंगे। जब उनसे पूछा गया कि क्या पुतिन के सीजफायर प्रस्ताव के बदले डोनबास सौंपने पर उनका रुख बदल सकता है, तो उन्होंने कहा कि यह यूक्रेनी संविधान पर आधारित है और इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।
रूस का 20% यूक्रेनी भूभाग पर कब्जा
फिलहाल रूस यूक्रेन के लगभग 20 फीसदी हिस्से पर कब्जा जमाए हुए है, जिसमें पूरा लुहान्स्क और डोनेट्स्क का बड़ा हिस्सा शामिल है। ये दोनों मिलकर डोनबास क्षेत्र बनाते हैं, जो यूक्रेन का औद्योगिक और खनन केंद्र होने के साथ-साथ एक रणनीतिक किला भी है।
सेना वापस बुलाने से इनकार
जेलेंस्की ने डोनबास में यूक्रेन के नियंत्रण वाले हिस्सों से सेना हटाने से भी इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि रूस का इन क्षेत्रों पर अवैध कब्जा है और डोनबास छोड़ने से उसे भविष्य में और अंदर तक हमला करने का मौका मिलेगा।
जेलेंस्की का कहना है कि किसी भी तरह की वार्ता तभी संभव है, जब यूक्रेन को सुरक्षा की ठोस गारंटी दी जाए, ताकि समझौते के बाद रूस फिर हमला न कर सके।
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