Breaking News

आकाश अग्रवाल का बड़ा आरोप- बूथों पर कब्जे की कोशिश हुई, फिर भी नहीं रोक पाए जीत; बोले- सभी शिक्षकों के लिए करूंगा काम

आगरा शिक्षक एमएलसी चुनाव में जीत दर्ज करने वाले डॉ. आकाश अग्रवाल ने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों, समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और उनके समर्थन को दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया गया। शिक्षकों और प्रधानाचार्यों पर दबाव बनाने के साथ उन्हें प्रलोभन देने की कोशिश हुई। कुछ मतदान केंद्रों पर बूथ कब्जाने की घटनाएं भी सामने आईं, लेकिन इन प्रयासों के बावजूद चुनाव का परिणाम नहीं बदला।

भाजपा प्रत्याशी हरिकिशोर तिवारी को 4,263 मतों से हराने वाले आकाश अग्रवाल ने चुनाव के दौरान सामने आए अपने भावुक वीडियो और धर्म परिवर्तन से जुड़े बयान पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि चुनावी परिस्थितियों से उन्हें निराशा हुई थी, जिसकी वजह से उन्होंने भावुक होकर ऐसी प्रतिक्रिया दी थी।

एक बातचीत में उन्होंने स्पष्ट किया कि अब उनकी प्राथमिकता सभी शिक्षकों के हितों के लिए काम करना है। जिन्होंने उन्हें वोट दिया और जिन्होंने दूसरे प्रत्याशियों का समर्थन किया, वे सभी उनके लिए समान हैं।

शिक्षकों और सपा कार्यकर्ताओं को दिया जीत का श्रेय

डॉ. आकाश अग्रवाल ने अपनी जीत के पीछे 12 जिलों के शिक्षकों, ईश्वर के आशीर्वाद और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं की भूमिका बताई। उनके मुताबिक, कार्यकर्ताओं ने मतदान से लेकर मतगणना तक पूरी मेहनत की और बूथों पर किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने का प्रयास किया।

उन्होंने कहा कि शिक्षकों का भरोसा और पार्टी कार्यकर्ताओं का सहयोग नहीं मिलता तो उनके लिए चुनाव जीतना काफी मुश्किल हो सकता था। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का समर्थन भी उनके लिए महत्वपूर्ण रहा।

बूथ कब्जाने और शिक्षकों पर दबाव बनाने का लगाया आरोप

चुनाव के दौरान सरकारी व्यवस्था पर सवाल उठाने वाले आकाश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को प्रभावित करने के लिए दबाव बनाया गया और उन्हें अलग-अलग तरह के प्रलोभन दिए गए।

उन्होंने दावा किया कि कुछ मतदान केंद्रों पर बूथ कब्जाने की कोशिश भी हुई। उनके अनुसार, निर्वाचन आयोग ने शिकायतों के बाद तीन बूथों पर दोबारा मतदान कराया था।

आकाश ने कहा कि शिक्षक एमएलसी का चुनाव किसी बड़े राजनीतिक पद के लिए नहीं था। ऐसे चुनाव में मंत्रियों और विधायकों को शिक्षकों पर दबाव बनाने से बचना चाहिए। उनका मानना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाताओं को बिना किसी डर या दबाव के अपना प्रतिनिधि चुनने का अधिकार मिलना चाहिए।

रोने वाले वीडियो को जीत की वजह मानने से किया इनकार

चुनाव के दौरान आकाश अग्रवाल का एक भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था, जिसमें वह अपनी शिकायतों को लेकर रोते हुए दिखाई दिए थे। जब उनसे पूछा गया कि क्या इस वीडियो ने उनकी जीत में भूमिका निभाई, तो उन्होंने इससे इनकार किया।

उन्होंने बताया कि फतेहाबाद, सैंया और खेरागढ़ में बूथों पर गड़बड़ी की शिकायत लेकर वह मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचे थे। उस समय दोपहर के करीब तीन बजे थे। उनके मुताबिक, वीडियो शिक्षकों तक पहुंचने से पहले ही मतदान समाप्त होने का समय हो गया था।

आकाश ने कहा कि उनकी जीत वीडियो की वजह से नहीं, बल्कि शिक्षकों के भरोसे और उनके मिले वोटों के कारण हुई है।

धर्म परिवर्तन वाला बयान क्यों दिया था?

चुनाव के दौरान धर्म परिवर्तन से जुड़ा बयान देने के सवाल पर आकाश अग्रवाल ने कहा कि उन्हें पहले सरकार और उसकी कार्यप्रणाली से काफी उम्मीदें थीं। उनका मानना था कि सरकार आतंकवाद और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाएगी तथा बेहतर प्रशासन देगी।

हालांकि, चुनाव के दौरान सामने आई घटनाओं से उन्हें निराशा हुई। उन्होंने कहा कि जब किसी व्यक्ति या व्यवस्था को लेकर अच्छी छवि बन जाती है और बाद में वह टूटती है, तो मन को दुख पहुंचता है। इसी भावनात्मक स्थिति में उन्होंने वह बयान दिया था।

वैश्य समाज पर टिप्पणी को लेकर मंत्री से मांगी माफी

आकाश अग्रवाल ने उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि वह मंत्री का सम्मान करते हैं, लेकिन किसी भी समाज के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करना उचित नहीं है।

आकाश का आरोप है कि उनके वैश्य समाज से जुड़े होने के कारण इस समाज को लेकर टिप्पणी की गई थी। उन्होंने मंत्री से वैश्य समाज के लोगों से माफी मांगने की मांग की। साथ ही कहा कि चुनाव से पहले भी उन्होंने अपने समर्थकों से इस मुद्दे पर विरोध दर्ज कराने की अपील की थी।

सभी शिक्षकों के लिए काम करना प्राथमिकता

चुनाव जीतने के बाद आकाश अग्रवाल ने कहा कि अब उनके लिए सभी शिक्षक महत्वपूर्ण हैं। जिन्होंने उन्हें वोट दिया, उनके साथ-साथ दूसरे प्रत्याशियों का समर्थन करने वाले शिक्षकों के हितों के लिए भी वह काम करेंगे।

उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव के दौरान जिन लोगों से मतभेद या विवाद हुए, उनके प्रति भी उनके मन में कोई द्वेष नहीं है। भाजपा समर्थित विद्यालयों और वहां काम करने वाले शिक्षकों के मुद्दों को भी वह उठाएंगे।

पुरानी पेंशन और कैशलेस इलाज के लिए करेंगे प्रयास

शिक्षक एमएलसी के रूप में अपनी प्राथमिकताएं बताते हुए आकाश अग्रवाल ने कहा कि शिक्षकों को समय पर मानदेय मिलना चाहिए। इसके अलावा कैशलेस चिकित्सा सुविधा और पुरानी पेंशन की बहाली जैसे मुद्दे भी उनकी प्राथमिकता में शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि शिक्षकों के अधिकारों और सुविधाओं के लिए लगातार आवाज उठाई जाएगी। उनकी कोशिश रहेगी कि शिक्षकों को सम्मानजनक सुविधाएं मिलें और उनकी समस्याओं का समाधान हो।

भाजपा से टिकट नहीं मिला तो सपा में हुए शामिल

डॉ. आकाश अग्रवाल मूल रूप से आगरा के रहने वाले हैं और शिक्षा जगत से जुड़े हुए हैं। वर्ष 2020 में उन्होंने पहली बार निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर शिक्षक एमएलसी का चुनाव जीता था। उस समय उन्होंने भाजपा प्रत्याशी डॉ. दिनेश वशिष्ठ को हराकर सदन में जगह बनाई थी।

इस बार आकाश अग्रवाल भाजपा से टिकट की उम्मीद लगाए हुए थे, लेकिन पार्टी ने उनकी जगह इटावा के शिक्षक-कर्मचारी नेता हरिकिशोर तिवारी को उम्मीदवार घोषित कर दिया। इसके बाद आकाश समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए और सपा के समर्थन से चुनाव मैदान में उतर गए।

चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने सरकारी मशीनरी के इस्तेमाल, शिक्षकों पर दबाव और बूथों पर गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। चुनाव के दौरान उनका भावुक वीडियो भी चर्चा में रहा। आखिरकार उन्होंने भाजपा प्रत्याशी हरिकिशोर तिवारी को 4,263 वोटों से हराकर शिक्षक एमएलसी सीट पर जीत हासिल की।

आगरा शिक्षक एमएलसी क्षेत्र में शामिल हैं 12 जिले

आगरा खंड शिक्षक एमएलसी निर्वाचन क्षेत्र में कुल 12 जिले शामिल हैं। इनमें आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, अलीगढ़, कासगंज, एटा, हाथरस, कन्नौज, फर्रुखाबाद, औरैया और इटावा आते हैं।

इस चुनाव में इन सभी जिलों के शिक्षकों की भूमिका अहम रही। आकाश अग्रवाल ने अपनी जीत के बाद क्षेत्र के सभी शिक्षकों का आभार जताते हुए उनके मुद्दों को प्राथमिकता से उठाने का भरोसा दिया है।

About GE-Live

Check Also

हापुड़ रेलवे स्टेशन पर खुले तार और अधूरे काम देख DRM नाराज, सफाई सुधारने और रास्ते अलग करने के निर्देश

हापुड़: अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत हापुड़ रेलवे स्टेशन पर चल रहे विकास कार्यों …