United States और Iran के बीच जारी तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। Strait of Hormuz को लेकर अमेरिका सख्त रुख अपनाते हुए इस अहम समुद्री मार्ग को अपने नियंत्रण में लेने की बात कर रहा है, जबकि ईरान इसे अपने अधिकार क्षेत्र का हिस्सा मानता है।
इसी बीच Israel भी इस मुद्दे में खुलकर अमेरिका के समर्थन में आ गया है। प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने होर्मुज को लेकर अमेरिकी रुख का समर्थन किया है। वहीं, सीजफायर के बावजूद इजरायल द्वारा लेबनान पर जारी हमलों ने हालात को और जटिल बना दिया है।
इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन करीब 21 घंटे चली बातचीत बेनतीजा रही। वार्ता के दौरान भी Donald Trump लगातार सख्त बयान देते रहे, जिससे तनाव कम होने के बजाय और बढ़ गया।
वार्ता विफल होने के बाद अमेरिका ने Strait of Hormuz की ओर नौसैनिक गतिविधियां बढ़ा दी हैं, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता और गहराती जा रही है। इस बीच China भी इस पूरे घटनाक्रम में सक्रिय हो गया है और उसने अमेरिका के आरोपों व दबाव का जवाब देना शुरू कर दिया है।
हालांकि, इस तनाव के बीच कूटनीतिक कोशिशें भी जारी हैं। Pakistan, Egypt और Turkey मिलकर अमेरिका और ईरान को एक बार फिर बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश कर रहे हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये देश 21 अप्रैल को मौजूदा सीजफायर खत्म होने से पहले वार्ता का नया दौर शुरू करवाना चाहते हैं। मध्यस्थों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच फिर से बातचीत हो सकती है।
क्षेत्रीय सूत्रों का कहना है कि हालात पूरी तरह से बंद नहीं हुए हैं और संवाद के रास्ते अभी भी खुले हैं। दोनों देशों के बीच संपर्क बना हुआ है, जिससे उम्मीद की जा रही है कि तनाव को कूटनीतिक तरीके से कम किया जा सकता है।
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