Breaking News

“PCOD में हार्मोनल असंतुलन से हैं परेशान? इन सुपरफूड्स से मिल सकती है राहत—जानें डाइट में क्या बदलाव करें”

 

खराब जीवनशैली और गलत खानपान के कारण अक्सर PCOS और PCOD जैसी बीमारी हो जाती है। महिलाएं पीसीओएस और पीसीओडी सिर्फ पीरियड्स के अनियमित होने से जोड़कर देखती हैं, लेकिन बिल्कुल ऐसा नहीं है। इसका असर महिलाओं की फर्टिलिटी और पूरे शरीर पर होता है। PCOS और PCOD सिर्फ वजन या ओवरी में होने वाली सिस्ट तक सीमित नहीं माना जा सकता है। इसकी वजह से शरीर में हार्मोनल इंबैलेंस हो जाते हैं और इंबैलेंस के कारण महिलाओं के कई बॉडी फंक्शन्स पर असर होता है। यह स्थिति इंसुलिन रेजिस्टेंस और क्रॉनिक इंफ्लेमेशन को बढ़ा देती है, जिससे एंड्रोजन का स्तर ऊंचा हो जाता है और एस्ट्रोजन-प्रोजेस्टेरोन का संतुलन बिगड़ जाता है। ऐसे में PCOS और PCOD को मैनेज करने के लिए शरीर में हार्मोनों का संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी हो जाता है। इस लेख में हम आपको डाइट में कुछ ऐसे बदलाव बताएंगे, जिससे हार्मोन्स को बैलेंस करने में मदद मिलेगी।

पीसीओडी में हार्मोन्स को बैलेंस करने के लिए डाइट में करें ये बदलाव

– पीसीओडी में महिलाओं के शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेस बढ़ जाता है। ओवरीज में एंड्रोजन यानी मेल हार्मोन का लेवल बढ़ जाता है और उसकी वजह से शरीर इंसुलिन का ठीक ढंग से इस्तेमाल नहीं कर  पाता है।

– इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करने के लिए ब्लूबेरी, दालचीनी, फ्लैक्स सीड्स और ब्रोकली खा सकते हैं। इन चीजों को आप अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। यह इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार करता है।

– प्रोजेस्टेरोन हार्मोन महिलाओं के शरीर में पीरियड साइकिल को मैनेज करने और कंसीव करने में मदद करता है। पीसीओडी और पीसीओएस में इसके लेवल पर भी असर होता है। इसको मैनज करने के लिए डाइट में अमरूद, चेस्टबेरी, जीरा और गाजर को शामिल कर सकते हैं।

– पीसीओडी में एस्ट्रोजन का लेवल बढ़ा हुआ होता है और प्रोजेस्टेरोन का लेवल कम हो जाता है। इसलिए डाइट में फूलगोभी, चिया सीड्स और नींबू को शामिल कर सकते हैं।

– PCOD में मेल हार्मोन यानी के एंड्रोजन बढ़ जाता है। जिससे बाल झड़ने लगते हैं, पीरियड्स भी अनियमित हो जाते हैं और चेहरे पर अनचाहे बाल आने लगते हैं। पीसीओडी को कम करने के लिए पालक, कद्दू के बीज, पुदीने के पत्ते और मेथी दाना खाएं।

– पीसीओडी और पीसीओएस में ओव्युलेशन पर भी असर देखने को मिलता है और कई बार एग सही समय पर रिलीज नहीं होते हैं। ओव्युलेशन के लिए सौंफ, तिल के बीज और भिंडी खाएं।

– हार्मोनल इंबैलेंस में होने के कारण महिलाओं की मेंटल हेल्थ पर भी काफी असर देखने को मिलता है। शरीर में कोर्टिसोल का लेवल बढ़ जाता है। इसको कम करने के लिए तुलसी और पिपरमिंट की पत्तियां, अखरोट और शकरकंद खाएं।

– इंफ्लेमेशन कम करने के लिए कच्ची हल्दी, स्ट्रॉबेरी और अदरक खाएं। इन चीजों में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

About GE-Live

Check Also

गर्मियों में दही खाते समय न करें ये आम गलतियां, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

गर्मियों के मौसम में दही को सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसमें …