Breaking News

नेपाल में Gen-Z और सरकार की टकराहट की वजह है ‘NepoKid’, पीएम ओली ने कहा- ‘बैन नहीं हटेगा’, जानें हिंसा की पूरी कहानी

नेपाल में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ सोमवार को काठमांडू और अन्य क्षेत्रों में युवाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कम से कम 21 लोग मारे गए और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए। हिंसक घटनाओं के बाद गृह मंत्री रमेश लेखक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए नेपाली सेना को तैनात किया गया और उन्होंने नए बानेश्वोर में संसद परिसर के आसपास के रास्तों पर नियंत्रण कर लिया।

काठमांडू में ‘Gen-Z’ के बैनर तले हजारों युवा, जिनमें स्कूली छात्र भी शामिल थे, संसद भवन के सामने इकट्ठा हुए। उन्होंने सोशल मीडिया प्रतिबंध को तुरंत हटाने की मांग की और सरकार विरोधी नारे लगाए। प्रदर्शन शुरू में शांतिपूर्ण था, लेकिन कुछ प्रदर्शनकारी संसद परिसर में घुस गए, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस और रबर की गोलियों का इस्तेमाल किया। पोखरा, बुटवल, भैरहवा, भरतपुर, इटाहरी और दामक जैसे अन्य शहरों में भी विरोध प्रदर्शन हुए।

नेपाली कांग्रेस के सूत्रों के अनुसार गृह मंत्री रमेश लेखक ने नैतिक आधार पर इस्तीफा दिया और प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को कैबिनेट बैठक में अपना इस्तीफा सौंपा। प्रधानमंत्री ओली ने कहा कि वह पद छोड़ सकते हैं, लेकिन 4 सितंबर को लगाए गए सोशल मीडिया प्रतिबंध को नहीं हटाएंगे।

नेपाल में यह आंदोलन ‘#NepoKid’ ट्रेंड से प्रेरित है। कुछ युवाओं ने टिकटॉक पर नेताओं के बच्चों की लग्जरी लाइफ को दिखाते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ पोस्ट और वीडियो साझा करना शुरू किया। इस अभियान ने सोशल मीडिया प्रतिबंध के बाद और तेजी पकड़ ली और सरकार के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन में तब्दील हो गया। प्रदर्शन को श्रीलंका और बांग्लादेश में हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों से प्रेरणा मिली। सरकार का यह कदम राष्ट्रहित में कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक करने के लिए उठाया गया था, लेकिन इससे देशभर में विरोध और बढ़ गया।

About GE-Live

Check Also

हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव: कतर की अपील—‘दबाव का हथियार न बने अहम समुद्री मार्ग’

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच कतर ने खाड़ी देशों की बैठक में अहम …