गोंडा में घाघरा नदी का जलस्तर पिछले 24 घंटे से लगातार बढ़ रहा है। एल्गिन ब्रिज पर नदी खतरे के निशान से एक सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। गिरजा, शारदा और सरयू बैराज से 2.82 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद स्थिति गंभीर हो गई है। करनैलगंज और तरबगंज तहसील क्षेत्र के तटीय इलाकों में कई गांवों के मुख्य मार्गों पर बाढ़ का पानी पहुंच गया है। जिला प्रशासन ने ग्रामीणों की आवाजाही के लिए नावों की व्यवस्था की है।
तरबगंज और करनैलगंज तहसील प्रशासन निचले इलाकों में लगातार निगरानी कर रहा है। बाढ़ खंड और जिला प्रशासन के अधिकारी भी स्थिति का जायजा ले रहे हैं। जिला मुख्यालय पर आपदा विभाग में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
तरबगंज तहसील का ब्योन्दा माझा गांव बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित है। जिला प्रशासन प्रभावित ग्रामीणों को बाढ़ राहत सामग्री वितरित कर रहा है और हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है। गोंडा अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि नदी के बढ़ते जल स्तर को लेकर सभी तहसीलों की बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। नदी का जलस्तर बढ़ने का कारण पड़ोसी देश नेपाल से छोड़ा गया पानी है।
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