Sambhal में इन दिनों मौसम का मिजाज बेहद सख्त बना हुआ है। एक ओर भीषण गर्मी लोगों को परेशान कर रही है, तो दूसरी ओर वायु गुणवत्ता भी खराब होती जा रही है। सोमवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 187 दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य के लिहाज से चिंताजनक माना जाता है।
सुबह के समय न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहा, लेकिन जैसे-जैसे दिन बढ़ा, गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया। सुबह 8 बजे तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मार्च महीने में अब तक का सबसे अधिक स्तर है। मौसम विभाग के अनुसार, दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे के बीच तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
पिछले एक हफ्ते में हुई बेमौसम बारिश ने मौसम के पैटर्न को अचानक बदल दिया था। कुछ समय के लिए ठंडक महसूस हुई, लेकिन अब फिर से तेज गर्मी का दौर शुरू हो गया है। विभाग ने आने वाले दिनों में फिर से मौसम बदलने और बारिश होने की संभावना जताई है।
इस बदलते मौसम का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। गेहूं की फसल, जो कटाई के लिए तैयार थी, 20 मार्च को हुई बारिश के कारण खेतों में गिर गई। अनुमान है कि करीब 60 प्रतिशत फसल खराब हो चुकी है।
स्थानीय किसानों के मुताबिक, पहले प्रति बीघा ढाई क्विंटल तक उत्पादन की उम्मीद थी, लेकिन अब यह घटकर करीब सवा से डेढ़ क्विंटल रह गया है। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
शहर के बाजारों में शादियों के चलते खरीदारी की हलचल जरूर दिख रही है, लेकिन तेज धूप के कारण दोपहर में भीड़ कम हो जाती है। वहीं, परिवहन व्यवस्था सामान्य बनी हुई है—Chandausi Junction से Lucknow जाने वाली ट्रेनें और बरेली-अलीगढ़ रूट की पैसेंजर ट्रेनें समय पर चल रही हैं। रोडवेज बसों में भी सुबह और शाम के समय यात्रियों की संख्या बढ़ रही है।
कुल मिलाकर, संभल में मौसम की मार और प्रदूषण की स्थिति ने जनजीवन और खेती—दोनों को प्रभावित किया है, जिससे आने वाले दिनों को लेकर चिंता बढ़ गई है।
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