रविदास मल्होत्रा (सपा) लखनऊ से गठबंधन के उम्मीदवार …
रविदास मल्होत्रा को लोकसभा प्रत्याशी बनाने की सुगबुगाहट तब शुरू हो गई थी जब सपा ने उन्हें लखनऊ लोकसभा सीट का प्रभारी बनाया था. अब रविदास मल्होत्रा ताल ठोक कर गठबंधन से लोकसभा का चुनाव लड़ रहे हैं. रविदास मल्होत्रा वर्तमान में लखनऊ मध्य से सपा के विधायक हैं और 2022 में भाजपा कैंडिडेट रहे रजनीश गुप्ता को 11 हजार मतों से हराकर लखनऊ मध्य विधानसभा की सीट जीती थी.

गठबंधन के लोकसभा उम्मीदवार रविदास मल्होत्रा का राजनीति से पुराना नाता रहा है और कॉलेज के दिनों से ही वह राजनीति को लेकर काफी सक्रिय रहते थे और आम जनमानस के और समाज के मुद्दों को उठाया करते थे. इसी नाते वह 251 बार जेल जाकर लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में सबसे ज्यादा जेल जाने के रिकॉर्ड दर्ज करा चुके हैं.

ऐसे शुरू हुई थी राजनीति
रविदास लखनऊ के केकेसी विद्यालय से पहली बार छात्रसंघ का चुनाव लड़े और जीतकर उपाध्यक्ष बने और यही से उनकी राजनीति की यात्रा शुरू हुई और पहली बार सपा के मुखिया रहे मुलायम सिंह यादव से मुलाकात हुई और फिर यही से रविदास ने कभी भी राजनीति में पीछे मुड़कर नहीं देखा. राजनीतिक सूझ-बूझ रखने वाले रविदास मल्होत्रा पूर्व मुख्यमंत्री रहे मुलायम सिंह यादव के करीबी बन गए और सपा सरकार में अहम विभाग के मंत्रालय को चलाने की जिम्मेदारी का जिम्मा भी उन्हें सौंपा गया.

रविदास ने पहली बार साल 1989 में लखनऊ पूर्व विधानसभा की सीट से जनता दल की टिकट पर चुनाव लड़ा और जनता ने उन्हें अपना विधायक चुना. उसके बाद साल 2012 में वह सपा के टिकट पर चुनाव लड़के दोबारा विधायक बने. हालांकि, इस बार-बार लखनऊ मध्य से विधायक चुने गए और रविदास मल्होत्रा को कैबिनेट मंत्री भी बनाया गया. साल 2017 में जब बीजेपी की लहर चल रही थी, तब रविदास मल्होत्रा को लखनऊ मध्य से हार का सामना करना पड़ा.

जानकार बताते हैं कि रविदास मल्होत्रा की हार का कारण भाजपा नहीं बल्कि कांग्रेस के उम्मीदवार रहे मारूफ खान थे, क्योंकि 2017 में सपा और कांग्रेस का गठबंधन हुआ था. लेकिन लखनऊ मध्य से कांग्रेस ने सपा के सामने मारूफ खान को आखिरी समय में टिकट दे दिया था, जिसके बाद भाजपा के प्रत्याशी रहे वर्तमान उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक को महज 5 हजार वोट से जीत हासिल हुई थी. बीजेपी की झोली में जीत चली गई लेकिन चर्चा यह रही कि अगर कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी नहीं उतारा होता तो वोट न बंटे होते और शायद साल 2017 में भी सपा के उम्मीदवार रविदास मल्होत्रा बाजी मार ली होती.

रविदास मल्होत्रा सपा के जमीनी नेता हैं और इसी नाते साल 2022 में सपा ने एक बार फिर मल्होत्रा पर भरोसा दिखाया और उन्हें लखनऊ मध्य से अपना विधानसभा प्रत्याशी बनाया. राजनीतिक जानाकार बताते हैं कि साल 2022 विधानसभा चुनाव में ध्यान देने वाली बात यह थी कि जब साल 2022 में सपा ने रविदास मल्होत्रा को लखनऊ मध्य से अपना उम्मीदवार बनाया तब भाजपा के लखनऊ मध्य से तत्कालीन विधायक रहे वर्तमान के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक को लखनऊ मध्य की सीट को 2022 विधानसभा चुनाव में छोड़ना पड़ा, क्योंकि 2017 के विधानसभा चुनाव से सीख लेते हुए उन्होंने लखनऊ कैंट से लड़ने का मन बनाया. जिसके बाद पार्टी ने उन्हें लखनऊ कैंट से चुनाव लड़वाया, क्योंकि लखनऊ मध्य की सीट से रविदास मल्होत्रा से लोहा लेना मानो लोहे के चने चबाने के बराबर था.

विगत साल 2017 के चुनाव में मात्र 5 हजार वोट से बृजेश पाठक जीत हासिल किए थे, वह भी तब जब कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार मध्य विधानसभा सीट से उतार दिया था. ऐसे में अगर कांग्रेस का उम्मीदवार न होता तो और वोटों का बंटवारा न होता तो शायद फिर बृजेश पाठक को शिकस्त का सामना करना पड़ता. शायद यही वजह है कि सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने 2024 लोकसभा चुनाव को देखते हुए रविदास मल्होत्रा पर भरोसा दिखाते हुए उन्हें पहले लखनऊ लोकसभा सीट का प्रभारी बनाया और अब उन्हें लखनऊ लोकसभा सीट पर लोकसभा उम्मीदवार घोषित कर दिया है.

बता दें कि साल 2019 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने वर्तमान देश के रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह के खिलाफ मशहूर फिल्म अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी पूनम सिन्हा को चुनाव लड़ाया था. पूनम सिन्हा को जितवाने के लिए बड़े रोड शो का आयोजन भी किया गया था, जिसमें अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा के अलावा उनकी बेटी अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा भी थी, लेकिन इसके बावजूद भी सपा प्रत्याशी पूनम सिन्हा को हार का सामना करना पड़ा था.

पूनम सिन्हा को भाजपा प्रत्याशी राजनाथ सिंह से करारी शिकस्त मिली थी और तकरीबन 3 लाख 40 हजार वोट से उन्हें मुंह की खानी पड़ी थी. भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार रहे राजनाथ सिंह को कुल 6 लाख 33 हजार 26 वोट मिले थे, जबकि उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी पूनम सिन्हा को 2 लाख 85 हजार 724 वोट मिले थे. वहीं कांग्रेस प्रत्याशी रहे आचार्य प्रमोद कृष्णनन को महज 1 लाख 80 हजार 11 वोटो से संतोष करना पड़ा था.
जनता का रुख़ आइए जानते हैं ….

लखनऊ लोकसभा चुनाव इन्डिया गठबंधन के प्रत्याशी रविदास मल्होत्रा जी बहुत भारी मतों से जीत रहे हैं और आप सभी लखनऊ लोकसभा के मतदाताओं से मेरी अपील है कि आप संविधान को बचाने के लिए, रोजगार के लिए, महिलाओं की सुरक्षा के लिए, महंगाई को काबू में करने के लिए इंडिया गठबंधन को वोट दीजिए, किसानो का कर्ज माफ़ कराने के व महिलाओं को खाते में एक लाख साल का पाने के लिए इंडिया गठबंधन को लोकसभा चुनाव में वोट कीजिए ।रविदास जी हर समय आप के लिए मौजूद रहने वाले और आप के लिए सड़क से सदन तक लड़ने वाले नेता हैं।
प्रियंका पाल सिंह एडवोकेट
(प्रदेश सचिव समाजवादी पार्टी महिला सभा/प्रभारी लोकसभा लखनऊ)

लखनऊ सीट से अब कि बार रविदास मल्होत्रा जी भारी मतों से चुनाव जीत रहे हैं। गठबंधन प्रत्याशी को लखनऊ वासी भली भांति जानते और समझते हैं। वह बहुत सरल स्वभाव के व्यक्ति हैं। वर्तमान में वह लखनऊ मध्य विधानसभा से विधायक हैं। उनके पास कोई भी चला जाए वह काम के लिए मना नहीं करते हैं।
अनीस राजा
प्रदेश अध्यक्ष (मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड सपा)

रविदास मल्होत्रा जी की जीत निश्चित है चाहे वह एक लाख वोटो से ही जीते रविदास मल्होत्रा जी चुनाव लड़ रहे हैं राजनाथ जी के सामने राजनाथ सिंह जी बड़ा चेहरा है। लेकिन रविदास मल्होत्रा जी की जीत निश्चित।
रामबाबू रस्तोगी
प्रदेश अध्यक्ष (सामाजिक उद्योग व्यापार मंडल लखनऊ)

भारतीय जनता पार्टी के लोग ही राजनाथ सिंह जी को हराना चाह रहे हैं। राजनाथ सिंह जी का बहुत विरोध है। क्योंकि यह जनता के बीच कभी रहते नहीं और ना किसी का काम करते हैं। युवा परेशान है वह सरकार बदलना चाहता है। यह चुनाव संविधान को बचाने का चुनाव है।
मोहम्मद एबाद
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष (मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड सपा)

गठबंधन प्रत्याशी रविदास मल्होत्रा जी बहुत अच्छा चुनाव लड़ रहे हैं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जी के रोड शो को देखकर भाजपा के होश उड़ गए हैं। गठबंधन की आंधी चल रही है ।लखनऊ में बहुत अच्छा चुनाव चल रहा है। निश्चित इस बार राजनाथ सिंह जी के लिए यह चुनाव आसान नहीं होगा। यह सीट बीजेपी की कही जाती थी। लेकिन इस बार यह भरम टूटने जा रहा है। गठबंधन की जीत लगभग 3लाख मतों से होगी।
नकी रज़ा (सपा वरिष्ठ कार्यकर्ता)

गठबंधन की सीट हम लोग जीत रहे हैं। राजनाथ सिंह जी ने लखनऊ में कोई काम नहीं किया है। मुझे तो नहीं लगता है कि राजनाथ सिंह जी काम के आधार पर वोट मांग रहे हैं। वोट तो वह वापस उसी आधार पर मांग रहे हैं। मंदिर, हिंदू,जाति के आधार पर उनका वोट बैंक है। लोग परेशान हैं आप देखिए बीजेपी की रैली में युवा चिल्ला रहा है कि हमें रोजगार चाहिए! एनडीए की हालत पूरे देश में ख़राब है। राजनाथ सिंह जी लोकल लखनऊ के तो है नहीं वहीं रविदास मल्होत्रा जी लखनऊ से हैं। छात्र संघ से राजनीति करते आ रहे हैं और बच्चा-बच्चा उनको जानता है। अपना जनप्रतिनिधि ऐसे ही चुनना चाहिए।
शेखर दीक्षित
जि़ला संयोजक (आप पार्टी लखनऊ)

रविदास मल्होत्रा जी बहुत मजबूती से चुनाव लड़ रहे हैं। रही बात राजनाथ सिंह जी की वह एक लाख मतों से चुनाव हार रहे हैं। महंगाई आसमान छू रही है। गरीब आदमी और गरीब हो रहा है।
अंशु अवस्थी एडवोकेट
प्रदेश प्रवक्ता (उत्तर प्रदेश कांग्रेस)

पूरे देश में माहौल भाजपा के विरोध में चल रहा है।लोग महंगाई बेरोजगारी से परेशान है। जनता ने पहले से ही सोच हुआ है।जनता को अब मौका मिला है। इनको हटाने का और इनकी तानाशाही को ख़त्म करने का।
पुष्पेंद्र श्रीवास्तव
प्रदेश अध्यक्ष (आरटीआई विभाग उत्तर प्रदेश कांग्रेस)
अब यह तो ४ जून को पता चल पाएगा कि जनता किस के सर पर ताज रखती है।
:-ग्लोबल एक्सप्रेस टीम लखनऊ
Global Express Live