सुपरटेक ने सात दिनों के अंदर पंजाब एंड सिंध बैंक के साथ अपने वित्तीय लेन देन संबंधित विवाद को समाप्त करने का एक प्रस्ताव एनसीएलएटी (NCLAT) में दिया। जिसके बाद एनसीएलएटी ने सुपरटेक टाउनशिप प्रोजेक्ट के खिलाफ दिवालिया कार्यवाही पर रोक लगा दी है। एनसीएल
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216 करोड़ बकाया का दिया प्रस्ताव
एनसीएलटी (NCLT) ने पिछले सप्ताह 216 करोड़ रुपए के बकाया के संबंध में पंजाब एंड सिंध बैंक की याचिका स्वीकार कर ली थी। जिसके बाद सुपरटेक ने एनसीएलएटी में याचिका दायर की। वहां सुपरटेक ने कहा बकाया वापस करने के लिए सात दिनों के भीतर एक उचित योजना बनाकर पंजाब एंड सिंध बैंक को सौंपी जाएगी।
यमुना विकास प्राधिकरण के अंडर आता है क्षेत्र
परियोजना का खाका प्रस्तुत किया
डेवलपर ने बताया कि YEIDA के सेक्टर 22 डी स्थित लोटस सिटी परियोजना में 75% विकास कार्य पहले ही पूरा हो चुका है। इसके अतिरिक्त, कंपनी शासन की ओर से हाल ही में शुरू की गई शून्य नीति योजना से लाभ उठाएगी। जो उसको सेटलमेंट प्रक्रिया में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। सुपरटेक टाउनशिप को परियोजना विकसित करने के लिए 2011 में 100 एकड़ जमीन आवंटित की गई थी। यह परियोजना अधूरी है जिसमें लगभग 3,200 घर खरीदार शामिल हैं।
होम बायर्स ने किया समर्थन
घर खरीदारों के एक समूह के वकील ने भी विकास की प्रस्तावित योजना के लिए समर्थन व्यक्त किया है। इसके बाद एनसीएलएटी ने अगली सुनवाई 21 अगस्त के लिए निर्धारित की। पंजाब एंड सिंध बैंक ने पिछले साल सुपरटेक टाउनशिप प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के खिलाफ कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (CIRP) शुरू करने के लिए एनसीएलटी से इस आधार पर संपर्क किया और याचिका में बताया कि सुपरटेक ने उनको तय समय 30 जून, 2023 तक 216 करोड़ रुपये के भुगतान नहीं किया।
सुपरटेक के एमडी आरके अरोड़ा
1499 करोड़ का है प्रोजेक्ट
जिस प्रोजेक्ट के लिए पैसा दिया गया उस परियोजना की लागत लगभग 1499.97 करोड़ रुपए आंकी गई थी। जिसे 340 करोड़ रुपए टर्म लोन, 453.04 करोड़ रुपए के प्रमोटर और 706.93 करोड़ रुपए एडवांस बुकिंग से आएगा। अग्रिम बुकिंग द्वारा वित्त पोषित करने का प्रस्ताव है। बैंक ने परियोजना के आंशिक वित्तपोषण के लिए 140 करोड़ रुपए का लोन दिया था। एनसीएलटी ने 12 जुलाई को बैंक की याचिका स्वीकार कर ली और एक आईआरपी नियुक्त किया।
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