हत्या के प्रयास का आरोपी प्रेस क्लब उपाध्यक्ष मनोज यादव।
कानपुर के सिविल लाइंस में जमीन कब्जाकांड में जेल भेजे गए प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष अवनीश दीक्षित के खिलाफ शिकायतों की झड़ी लग गई है। बादशाहीनाका थाने में अब प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष मनोज यादव के खिलाफ शुक्रवार को गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है
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उपाध्यक्ष मनोज यादव पर हत्या के प्रयास की FIR
बादशाहीनाका थानाक्षेत्र के कुली बाजार निवासिनी शशी यादव की तहरीर पर प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष मनोज यादव उर्फ वसूली बंदर, उनके भाई विनोद यादव व चार अज्ञात के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पीड़िता शशि यादव ने बताया कि उनके पड़ोस में रजिस्टर्ड अपराधी मनोज यादव रहता है, जो 2022 में गुण्डा एक्ट में आरोपी रहा है। मनोज पर कई थानों से केस दर्ज हैं। 2 जनवरी 2024 को वह घर आया और दरवाजा खटखटाने लगा। दरवाजा खोलने पर मनोज यादव अपने भाई विनोद व 4 अन्य लोगों के साथ घर में घुस आया।मनोज यादव ने हत्या की धमकी दी और कहा कि अगर तुम्हारे लाडले मोहित ने मेरे ऊपर फीलखाना थाने में दर्ज कराये केस में गवाही कोर्ट में दी और अगर केस खत्म नहीं कराया तो गोली मार दूंगा। ये भी कहा कि जो मेरे खिलाफ गवाही देता है उसे सीधे यमलोक पहुंचा देता हूं। 28 दिसंबर को मनोज उर्फ वसूली बंदर ने मेरे पति को सडक़ पर दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। जान से मारने की नियत से मेरे पति के मुंह में कट्टा डाल दिया। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद है।
जब पति ने घर आकर पूरी जानकारी दी तो थाने में शिकायत करने पहुंचे जहां अवनीश दीक्षित ने पुलिस पर दबाव बना दिया, जिससे मनोज यादव उर्फ वसूली बंदर व उसके भाई विनोद यादव व उसके साथियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। मामले में बादशाहीनाका पुलिस ने मामला पुराना होने के चलते हत्या का प्रयास, बलवा, मारपीट, जान से मारने की धमकी देने समेत अन्य गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
अवनीश के खिलाफ दर्ज छेड़खानी का केस रिओपेन
बाबूपुरवा थाने में अवनीश दीक्षित के खिलाफ एक महिला ने छेड़खानी का केस दर्ज कराया था। केस में पुलिस ने जांच के बाद एफआर लगा दी थी। पीड़िता अवनीश के जेल जाने के बाद पुलिस कमिश्नर के पास हाजिर हुई। महिला ने बताया कि अवनीश के खिलाफ दर्ज एफआईआर में पुलिस ने अवनीश के रसूख के चलते एफआर लगा दी थी।
जबकि उसके पास मुकदमें से संबंधित पर्याप्त साक्ष्य हैं। पुलिस कमिश्नर के आदेश पर मामले में केस की दोबारा जांच शुरू कर दी गई है। डीसीपी साउथ रवींद्र कुमार ने बताया कि पीड़िता के बयान दर्ज करने के साथ ही केस से संबंधित साक्ष्य का अवलोकन किया जा रहा है। जांच के बाद अब मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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