Breaking News

कर्नाटक: बीजेपी विधायक तकिया और कंबल लेकर विधानसभा में पहुंचे, रातभर धरना देंगे

बेंगलुरु: कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी के विधायक आज विधानसभा के अंदर  तकिए और कंबल लेकर जाते हुए देखे गए। वे यहां खाना खाते हुए भी दिखाई दिए। बीजेपी के विधायक MUDA मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहे हैं। वे आज रात सदन में अपना धरना जारी रखेंगे और रात यहीं बिताएंगे। आज विधानसभा में हुए हंगामे के चलते कार्यवाही 25 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी गई है।

मैसुरु शहरी विकास प्राधिकरण भूखंड आवंटन का मामला

बता दें कि बीजेपी की कर्नाटक इकाई ने बुधवार को घोषणा की कि वह मैसुरु शहरी विकास प्राधिकरण (मुडा) द्वारा भूखंड आवंटित करने में कथित फर्जीवाड़े के संबंध में चर्चा की अनुमति नहीं दिये जाने को लेकर विधानसभा और विधान परिषद, दोनों में ‘दिन-रात’ धरना देगी। भूखंड प्राप्त करने वालों में मुख्यमंत्री सिद्धरमैया की पत्नी पार्वती भी शामिल हैं। विपक्ष को आज दोनों सदनों में इस मुद्दे पर चर्चा करने की अनुमति नहीं दी गई। विधानमंडल का सत्र शुक्रवार को समाप्त होगा।

 4,000 करोड़ रुपये की लूट का आरोप

विधानसभा में विपक्ष के नेता आर.अशोक ने कहा, ‘‘कांग्रेस के पास 136 विधायक हैं। जब हम मुडा घोटाले में 4,000 करोड़ रुपये की लूट के बारे में स्थगन प्रस्ताव लाये, तो सरकार डर गई और चर्चा से भाग रही है। उन्होंने वित्त विधेयक समेत कई महत्वपूर्ण विधेयकों को बिना चर्चा के पारित कर दिया है। यह सरकार डरपोक है, उनके पास सदन में मुडा के आरोपों का जवाब देने की हिम्मत नहीं है।’’ उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा कि यदि सरकार में थोड़ा भी आत्मसम्मान है तो उसे सदन में यह कहना चाहिए था कि मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने 14 भूखंड को कानूनी तरीके से लिया है और उनके समर्थकों ने भी ऐसा ही किया है। उन्होंने कहा, ‘‘यह 4,000 करोड़ रुपये का घोटाला है। दलितों की एक लाख वर्ग फुट से अधिक जमीन लूट ली गई है। हम इस मुद्दे को उठाना चाहते थे, हमें इसकी अनुमति नहीं दी गई। सत्ता पक्ष के पक्ष में स्पीकर का आचरण निंदनीय है।

सरकार पर चर्चा से भागने का आरोप लगाया

सत्ता पक्ष और स्पीकर द्वारा विपक्ष की आवाज दबाने के इस आचरण की निंदा करते हुए हम दिन-रात प्रदर्शन की घोषणा करते हैं। हमारे सभी विधायक और विधान परिषद सदस्य इस सरकार के खिलाफ दिन-रात विरोध प्रदर्शन करेंगे।’’ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं विधायक बी वाई विजयेंद्र ने भी विधानसभा और विधान परिषद में कहा, ‘‘हम रातभर विरोध प्रदर्शन करेंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दलितों के साथ अन्याय न हो, मुख्यमंत्री के परिवार को दी गई जमीन और 5,000 से अधिक अवैध रूप से आवंटित भूखंड को वापस लिया जाए।’’ उन्होंने मुख्यमंत्री पर मुडा घोटाले पर चर्चा का अवसर न देकर इस पर चर्चा से भागने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘यदि उनमें हिम्मत होती तो उन्हें स्पीकर से कहना चाहिए था कि चर्चा की अनुमति दें, चर्चा की अनुमति न देकर विपक्ष को दबाया जा रहा है।’’ इस बीच, विधानसभा में विपक्ष द्वारा मुडा घोटाले को लेकर चर्चा कराये जाने पर जोर दिए जाने के शोरगुल के बीच, मुख्यमंत्री द्वारा पेश चार विधेयक 8573.72 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट के प्रस्ताव संबंधी वित्त विधेयक, जीएसटी (संशोधन) विधेयक, सिंचाई (संशोधन) विधेयक और नगर पालिका एवं अन्य कानून विधेयक पारित कर दिये गये।

About GE-Live

Check Also

लाखों फॉलोअर्स के बावजूद क्यों टूट रहे हैं सोशल मीडिया स्टार? शोहरत, दबाव और मानसिक सेहत का कनेक्शन

Social Media & Mental Health: सोशल मीडिया की दुनिया बाहर से जितनी चमकदार दिखाई देती …