Vijay ने आखिरकार तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा मुकाम हासिल करते हुए मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। करीब तीन साल पहले बनाई गई उनकी पार्टी ने इस बार के विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य की पारंपरिक राजनीति को बड़ा झटका दिया।
चुनाव परिणाम आने के बाद सरकार गठन को लेकर कई दिनों तक राजनीतिक हलचल जारी रही। विजय लगातार विभिन्न दलों से समर्थन जुटाने में लगे रहे। आखिरकार 9 मई को उन्हें आवश्यक समर्थन मिल गया, जिसके बाद राज्यपाल ने सरकार बनाने की मंजूरी दे दी और उन्होंने सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
विजय की अगुआई वाली सरकार का सस्पेंस उस समय खत्म हुआ, जब उन्हें Indian Union Muslim League और Viduthalai Chiruthaigal Katchi का समर्थन मिल गया। इसके बाद राज्यपाल R. V. Arlekar ने उन्हें सरकार बनाने का न्योता दिया। शपथ ग्रहण समारोह में Rahul Gandhi भी मौजूद रहे।
4 मई को आए चुनाव नतीजों में विजय की पार्टी टीवीके ने 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया था, लेकिन बहुमत से कुछ सीटें कम रह गई थीं। इसके बाद गठबंधन की कवायद शुरू हुई। कांग्रेस ने पांच विधायकों का समर्थन देने का प्रस्ताव रखा, जबकि Communist Party of India और Communist Party of India (Marxist) ने भी अंततः समर्थन दे दिया। बाद में IUML और VCK के समर्थन से विजय बहुमत का आंकड़ा पार करने में सफल रहे।
सरकार गठन के लिए विजय ने चार बार राज्यपाल से मुलाकात की। शुरुआती दौर में राज्यपाल ने उन्हें पर्याप्त समर्थन का आंकड़ा जुटाने को कहा था। राजनीतिक जोड़तोड़ और समर्थन जुटाने के बाद आखिरकार उन्होंने सरकार बनाने का दावा पेश किया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर विजय बहुमत साबित नहीं कर पाते, तो राज्य में राष्ट्रपति शासन की संभावना भी बन सकती थी।
विजय का जन्म 1974 में हुआ था। उन्होंने 1992 में फिल्म Naalaiya Theerpu से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। रोमांटिक और एक्शन फिल्मों के जरिए उन्होंने तमिल सिनेमा में बड़ी पहचान बनाई। साल 2024 में उन्होंने फिल्मों से दूरी बनाकर पूरी तरह राजनीति में सक्रिय होने का फैसला किया था। अब वह तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़े चेहरे के रूप में उभर चुके हैं।
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