मुरादाबाद में नगर निगम की लोहे की फेंसिंग फुटपाथ पर कब्जा करने वालों के लिए सहूलियत बन गई है।
मुरादाबाद को स्मार्ट बनाने के नाम पर शहर की सड़कों पर निगम की सरपरस्ती में खुलेआम अवैध कब्जे हो रहे हैं। वेंडिंग जोन के नाम पर सड़कों को बेचे जाने की बात सामने आ रही है। पहले से संकरी सड़कों से जूझते इस शहर में सड़कों पर वेंडिंग जोन बनाकर सड़कों को और भी
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नगर निगम पहले ही सड़कों के किनारे फुटपाथों के नाम पर अरबों रुपए की जमीनों पर दुकानदारों के कब्जे करा चुका है। फुटपाथ के नाम पर दुकानों के आगे बेशकीमती जमीन छोड़कर निगम ने लोहे से फेंसिंग करा दी। दावा किया कि ये पब्लिक के लिए फुटपाथ होंगे। लेकिन इन फुटपाथों पर दुकानें सज रही हैं। यही हाल रहा तो धीरे-धीरे यहां अवैध कब्जे हो जाएंगे। दुकानों के आगे जगह छोड़ने के लिए कोई भी काेई मानक तय नहीं किया गया। दुकानों के आगे कहीं 10 मीटर तो कहीं 5 मीटर तो कहीं 20 मीटर तक जगह छोड़कर फेंसिंग की गई है।
फेंसिंग होने से सड़क की इस जमीन पर पब्लिक की एंट्री तो बंद हो गई लेकिन दुकानदारों को सहूलियत हो गई। उन्होंने अपनी दुकानें अब खुलेआम सडृकों पर लगा ली हैं। पीली कोठी से अस्पताल को जाने वाले रास्ते पर खास चौराहे पर एक रेस्टोरेंट सड़क के ऊपर खुल गया है। रामगंगा विहार में अकबर किले से लेकर सेल्स टैक्स चौराहे तक फुटपाथ और नाले की जमीन निगम की फेंसिंग की आड़ में दुकानदारों ने कब्जा कर ली। नगर निगम की नाक तले टाउन हाल पर बने फुटपाथ पर दुकानदारों ने महीनाभर पहले की अवैध कब्जे कर लिए। यही हाल शहर के बाकी हिस्सों का है। दिल्ली रोड पर तो निगम की फेंसिंग ने अवैध कब्जा करने वालों के लिए बड़ी सहूलियत दे दी है। फेंसिंग करके निगम ने उन्हें बाकायदा अवैध कब्जों के लिए सहूलियत दे दी है। यहां फेंसिंग के भीतर खोखे लगने लगे हैं। इन अवैध कब्जों को लेकर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों पर तमाम सवाल उठ रहे हैं।
सिस्टेमैटिक ढंग से सड़कों पर हो रहे अवैध कब्जों की वजह से निगम के आला अफसर भी सवालों के घेरे में हैं।
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