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110 करोड़ की ठगी में ED का बड़ा एक्शन, एनी ग्रुप की 7.30 करोड़ की संपत्तियां अटैच

लखनऊ स्थित एनी ग्रुप ऑफ कंपनीज के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 7.30 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर दिया है। यह कार्रवाई PMLA के तहत की गई है। मामला एनी बुलियन ट्रेडर्स और उससे जुड़ी कंपनियों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस का है।

ED ने अटैच की संपत्तियां

  • कुल 4 संपत्तियों को अटैच किया गया, जिनमें 3 अचल संपत्तियां (जमीन और बिल्डिंग) और 1 चल संपत्ति (फिक्स्ड डिपॉजिट) शामिल है।

  • ये संपत्तियां एनी बुलियन इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर हैं।

  • संपत्तियां लखनऊ, दिल्ली और उत्तराखंड के उत्तरकाशी में स्थित हैं।

जांच और खुलासे

  • ED ने जांच की शुरुआत उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज FIR और शिकायतों के आधार पर की थी।

  • आरोप है कि अजीत कुमार गुप्ता और उनके सहयोगियों ने निवेशकों को अलग-अलग स्कीमों में पैसा लगाने का लालच दिया।

  • जांच में सामने आया कि करीब 110 करोड़ रुपये की ठगी हुई। निवेशकों का पैसा इकट्ठा कर उसे अलग-अलग कंपनियों के जरिए घुमाया गया, ताकि असली स्रोत छुपाया जा सके।

  • ED की जांच में खुलासा हुआ कि निवेशकों से लिया गया पैसा ‘एनी ग्रुप’ की कई कंपनियों और एक सोसाइटी मेसेर्स आई विजन क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी के माध्यम से घुमाया गया।

  • इस सोसाइटी को भी अजीत कुमार गुप्ता के नियंत्रण में बताया जा रहा है। निवेशकों का पैसा प्रॉपर्टी खरीदने में इस्तेमाल हुआ और उसे Anee Bullion Industries Pvt Ltd के नाम पर दिखाया गया।

पहले की कार्रवाई

  • साल 2023 में भी ED ने इस मामले में कार्रवाई की थी। उस समय अजीत कुमार गुप्ता, उनकी पत्नी नीहारिका सिंह (IFS) और अनी ग्रुप की कंपनियों की लगभग 9.1 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की गई थी।

  • अब तक कुल 16.4 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं।

ED ने बताया है कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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