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तमिलनाडु में जहरीली शराब के मामले: पोस्टमार्टम के बिना दफनाए गए शवों को निकाला जाएगा

 

तमिलनाडु के कल्लाकुरिची जिले में जहरीली शराब पीने से जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 56 हो गई है। कल्लाकुरिची जहरीली शराब त्रासदी मामले में एक बड़ी जानकारी सामने आई है। जिला प्रशासन का कहना है कि अवैध शराब सेवन की पुष्टि के लिए बिना पोस्टमॉर्टम के दफनाए गए शवों को निकाला जाएगा, ताकि परिवारों को मुआवजा दिया जा सके। इस बीच, इस मामले में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बयान भी सामने आया है।

“मामले की जांच CBI को सौंपी जाए”

केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा, “200 से ज्यादा लोग अभी भी गंभीर अवस्था में अस्पताल में हैं। 56 लोगों की मौत हो गई है और उनमें से ज्यादातर अनुसूचित जाति से हैं। मैं इस घटना की निंदा करती हूं। मैं हैरान हूं कि कांग्रेस ने इसके खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोला। ऐसे राज्य में जहां सरकार द्वारा संचालित दुकानों पर लाइसेंस प्राप्त शराब उपलब्ध है, जिसे ‘TASMAC’ कहा जाता है। इसके बावजूद कल्लाकुरिची शहर के बीच में केमिकल युक्त अवैध शराब परोसी जाती है। कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे कहां हैं? राहुल गांधी कहां हैं? वह चुनाव सिर्फ इसलिए लड़ते हैं, क्योंकि उन्हें भरोसा है कि वह जीतेंगे। जब दलित जहरीली शराब से मर रहे हैं, तो राहुल गांधी का एक बयान नहीं आया है। मैं मांग करती हूं कि इस पूरे मामले की जांच CBI को सौंपी जाए।”

भाजपा नेताओं का विरोध प्रदर्शन 

वहीं, कल्लाकुरिची जहरीली शराब त्रासदी को लेकर सत्तारूढ़ द्रमुक के खिलाफ शनिवार को विरोध प्रदर्शन करने की कोशिश करने पर भाजपा के वरिष्ठ नेता एच राजा समेत बड़ी संख्या में उसके कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। भाजपा के इस राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य अवैध शराब की तस्करी को रोकने में कथित रूप से विफल रहने के लिए द्रमुक सरकार की निंदा करना था। राजा के नेतृत्व में मदुरै में विरोध प्रदर्शन करने गए भाजपा के कई सदस्यों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।

 

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