आंध्र प्रदेश की बहुप्रतीक्षित पोलावरम सिंचाई परियोजना का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। परियोजना का निरीक्षण करने पहुंचे भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने निर्माण कार्यों की प्रगति पर संतोष जताते हुए कहा कि इसके पूरा होने से राज्य के विकास को नई गति मिलेगी। प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय और राज्य स्तर के जनप्रतिनिधि भी शामिल रहे।
आंध्र प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पीवीएन माधव ने परियोजना का दौरा करने के बाद कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से पोलावरम परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है और भविष्य में यह राज्य के कृषि, सिंचाई और पेयजल क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने बताया कि परियोजना की दाहिनी और बाईं दोनों नहरों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि अन्य प्रमुख निर्माण कार्य भी अंतिम चरणों में हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा मिलने के बाद इसके विकास में तेजी आई है। राज्य और केंद्र सरकार के समन्वय से कई महत्वपूर्ण चरण पूरे किए जा चुके हैं। मुख्य स्पिलवे का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि अर्थ-कम-रॉकफिल डैम सहित शेष कार्यों पर तेजी से काम चल रहा है।
माधव ने बताया कि परियोजना पूरी होने के बाद उत्तर आंध्र क्षेत्र तक सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा, जिससे लगभग पांच लाख एकड़ कृषि भूमि को लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा विशाखापट्टनम और आसपास के क्षेत्रों को पेयजल एवं औद्योगिक उपयोग के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध कराया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अब तक इस परियोजना के लिए करीब 30,500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता उपलब्ध करा चुकी है। साथ ही लगभग 4,500 करोड़ रुपये की लागत से 960 मेगावाट क्षमता वाली जलविद्युत परियोजना भी विकसित की जा रही है। परियोजना में जल परिवहन (नेविगेशन) की सुविधा भी प्रस्तावित है, जिससे भविष्य में परिवहन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी कहा कि पोलावरम परियोजना केवल आंध्र प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि गोदावरी नदी के जल के बेहतर उपयोग के माध्यम से तेलंगाना, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और ओडिशा जैसे पड़ोसी राज्यों को भी अप्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य और केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयासों से परियोजना का शेष कार्य भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय विकास और जल प्रबंधन को नई मजबूती मिलेगी।
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