ईरान के मिनाब शहर में शजराह तैय्यबेह स्कूल पर हुए मिसाइल हमले की शुरुआती सैन्य जांच में संकेत मिले हैं कि यह हमला अमेरिकी सेना की गलती से हुआ था। पेंटागन की रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी को अमेरिकी सेना ने पास के ईरानी नौसैनिक ठिकाने को निशाना बनाते समय पुराने और गलत टारगेटिंग डेटा का इस्तेमाल किया, जिससे टॉमहॉक क्रूज़ मिसाइल स्कूल की इमारत पर जा गिरी।
रिपोर्ट में क्या कहा गया?
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इस इमारत को पहले सैन्य परिसर के रूप में इस्तेमाल किया जाता था, लेकिन बाद में इसे स्कूल में बदल दिया गया।
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हमले में कम से कम 175 लोगों की मौत हुई, जिनमें अधिकांश बच्चे थे।
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अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि जांच अभी जारी है और यह देखा जा रहा है कि पुराने डेटा की पुष्टि क्यों नहीं की गई।
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इस घटना ने अमेरिका के सैन्य अभियान पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
तकनीकी वजहें और डेटा की जांच
विशेषज्ञों का मानना है कि यह हाल के दशकों की सबसे गंभीर सैन्य गलतियों में से एक हो सकती है। स्कूल की इमारत को 2013 और 2016 के बीच सैन्य परिसर से अलग किया गया था। पेंटागन के अनुसार, खुफिया अधिकारियों को पुराने डेटा की फिर से पुष्टि करनी चाहिए थी। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या एआई मॉडल, डेटा एनालिटिक्स या अन्य तकनीकी खुफिया साधन इस गलत टारगेटिंग में योगदान कर सकते हैं।
ट्रंप का बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने खुद मिनाब शहर के स्कूल पर हमला किया। उन्होंने कहा कि टॉमहॉक मिसाइल गलती से अमेरिकी द्वारा नहीं बल्कि ईरान के हाथ लगी और इसे स्कूल पर प्रयोग किया गया। उन्होंने सफाई में कहा कि इस मामले में केवल अमेरिका को दोष नहीं देना चाहिए।
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