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अमेरिका ने यूक्रेन की मदद करने का एक बार फिर प्रयास किया: जानें क्या हुआ

US Military Aid Package For Ukraine: रूस और यूक्रेन के बीच जंग जारी है। हाल के दिनों में रूस की तरफ से यूक्रेन पर ताबड़तोड़ हमले किए जा रहे है। यूक्रेन के पास गोला-बारूद की भारी कमी है। ऐसे संकट के समय में अमेरिका यूक्रेन की मदद के लिए फिर आगे आया है। अधिकारियों के मुताबिक अमेरिका इस जंग में यूक्रेन को बैकअप सपोर्ट देने की तैयारी कर रहा है। अमेरिका अब यूक्रेन को 275 मिलियन डॉलर का मिलिट्री एड पैकेज देने की तैयारी कर रहा है।

पीछे हटे यूक्रेन के सैनिक 

इस बीच उत्तर पूर्व यूक्रेन में रूस की तरफ से किए जा रहे जमीनी हमलों के बाद हजारों नागरिक क्षेत्र छोड़कर चले गए हैं। रूस ने कस्बों और गांवों को तोपों और मोर्टार से निशाना बनाया है। लड़ाई बढ़ने के साथ ही यूक्रेन की कम से कम एक इकाई को खरकीव क्षेत्र में पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ा है। इससे रूस की सेना को सीमा से लगे एक बड़े हिस्से पर नियंत्रण हासिल हो गया है।

यूक्रेन की मदद 

अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका यूक्रेन के लिए 275 मिलियन डॉलर का सैन्य सहायता पैकेज तैयार कर रहा है, जिसमें 155 मिमी तोपखाने के गोले, सटीक हवाई युद्ध सामग्री और जमीनी वाहन शामिल होंगे।

रूस की न्यूक्लियर ड्रिल

गौरतलब है कि यूक्रेन से जंग के बीच पहली बार रूस की तरफ से न्यूक्लियर ड्रिल की गई है। इस ड्रिल में रूस ने पहली बार इस्कंदर मिसाइल का इस्तेमाल किया है। ड्रिल के दौरान रूसी सैनिकों को परमाणु हथियार और इस्कंदर टैक्टिकल मिसाइल सिस्टम को चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है।

रूस परख रहा है तैयारी 

रूस के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि रूस की सुरक्षा के साथ ही पश्चिमी देशों से रूस को मिल रही धमकी के मद्देनजर न्यूक्लियर ड्रिल के जरिए रूसी तैयारियों को परखा जा रहा है। रूस को आशंका है कि यूक्रेन में नाटो के सैनिक ट्रेनिंग देने के बहाने पहुंचने लगे हैं। एस्टोनिया की प्रधानमंत्री ने भी पिछले दिन इस बात का जिक्र किया था।

यूक्रेन की मदद कर रहे हैं पश्चिमी देश

रूस यह ड्रिल ऐसे समय में कर रहा है जब कुछ दिन पहले नाटो और पश्चिमी देशों ने यूक्रेन की मदद के लिए सेना भेजने की बात कही थी। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पिछले महीने कहा था कि अगर यूक्रेन ने मदद मांगी तो वो अपने सैनिकों को वहां भेज सकते हैं। ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड कैमरून ने भी कहा था कि यूक्रेन अगर चाहे तो वह रूस पर हमला करने के लिए ब्रिटिश हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है।

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