भारत ने नवंबर 2026 में नई दिल्ली में होने वाली शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में भाग लेने के लिए पाकिस्तान को औपचारिक निमंत्रण भेजा है। इस बैठक में शामिल होने के लिए पाकिस्तान के राष्ट्रीय विरासत एवं संस्कृति मंत्री औरंगजेब खान खिची को आमंत्रित किया गया है। हालांकि, पाकिस्तानी मंत्री भारत आएंगे या नहीं, इस पर इस्लामाबाद की ओर से अभी अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है।
20 और 21 नवंबर 2026 को प्रस्तावित इस कार्यक्रम का नाम SCO सिविलाइजेशनल डायलॉग फोरम है। भारत में होने वाली इस बैठक में सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के बीच सांस्कृतिक विरासत, सभ्यताओं और आपसी सहयोग से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बड़ी कूटनीतिक पहल
भारत और पाकिस्तान के बीच मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के बाद पैदा हुए सैन्य तनाव के मद्देनजर इस निमंत्रण को कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह देखना दिलचस्प होगा कि पाकिस्तान सरकार अपने वरिष्ठ मंत्री को इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए भारत भेजने पर सहमति जताती है या नहीं।
इससे पहले मई 2023 में पाकिस्तान के तत्कालीन विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी SCO के विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए भारत आए थे। गोवा में आयोजित इस बैठक में भारत ने उनकी मेजबानी की थी। अब नवंबर 2026 में प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए पाकिस्तान को निमंत्रण भेजे जाने से दोनों देशों के बीच बहुपक्षीय मंच पर संपर्क की संभावनाएं फिर चर्चा में हैं।
SCO के सदस्य देशों को आमंत्रित करना भारत की जिम्मेदारी
पाकिस्तान को निमंत्रण भेजने के पीछे एक प्रमुख वजह SCO की मेजबानी से जुड़ी भारत की जिम्मेदारी है। संगठन के सदस्य देशों को बैठक में आमंत्रित करना मेजबान देश की प्रक्रिया का हिस्सा है। भारत ने सिविलाइजेशनल डायलॉग फोरम की मेजबानी करने का प्रस्ताव दिया था, जिसके तहत पाकिस्तान समेत अन्य सदस्य देशों को भी आमंत्रित किया जा रहा है।
हालांकि, भारत और पाकिस्तान के द्विपक्षीय संबंध लंबे समय से तनावपूर्ण बने हुए हैं। वर्ष 2016 में पठानकोट और उरी में हुए आतंकी हमलों के बाद दोनों देशों के रिश्तों में लगातार गिरावट आई। इसके बाद कई घटनाक्रमों ने आपसी विश्वास को और कमजोर किया। ऐसे माहौल में बहुपक्षीय संगठनों की बैठकों में दोनों देशों की भागीदारी कूटनीतिक लिहाज से अहम हो जाती है।
SCO जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर सदस्य देशों को क्षेत्रीय सहयोग और साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने का अवसर मिलता है। इसलिए पाकिस्तान को भेजा गया निमंत्रण संगठन की औपचारिक प्रक्रिया के साथ-साथ भारत-पाकिस्तान संबंधों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री मोदी ने रखा था मेजबानी का प्रस्ताव
SCO सिविलाइजेशनल डायलॉग फोरम की मेजबानी का प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर 2025 में चीन के तियानजिन में आयोजित SCO के राष्ट्राध्यक्षों की परिषद के शिखर सम्मेलन के दौरान रखा था। नवंबर में होने वाले इस कार्यक्रम को नई दिल्ली के किसी ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित स्थल पर आयोजित किए जाने की संभावना जताई गई है।
इसके बाद 20 अक्टूबर 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में आयोजित SCO शासनाध्यक्षों की परिषद की 25वीं बैठक को संबोधित करते हुए भारत की ओर से इस कार्यक्रम की मेजबानी की औपचारिक घोषणा की थी।
अगले साल SCO शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा पाकिस्तान
SCO के कार्यक्रमों को लेकर भारत और पाकिस्तान की भूमिका इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि अगले वर्ष संगठन के सदस्य देशों के नेताओं के शिखर सम्मेलन की मेजबानी पाकिस्तान को करनी है। ऐसे में दोनों देशों को संगठन की गतिविधियों और बैठकों के दौरान एक-दूसरे के साथ औपचारिक कूटनीतिक संपर्क बनाए रखना पड़ सकता है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि पाकिस्तान सरकार अपने राष्ट्रीय विरासत एवं संस्कृति मंत्री औरंगजेब खान खिची को नई दिल्ली भेजने की मंजूरी देती है या नहीं। इस संबंध में इस्लामाबाद के अंतिम फैसले का इंतजार है। यदि पाकिस्तानी मंत्री बैठक में शामिल होते हैं, तो ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संपर्क का एक महत्वपूर्ण अवसर हो सकता है।
Global Express Live