भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए 144 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी कर दी है। इस सूची में पार्टी ने महिलाओं, युवाओं और विभिन्न पेशेवर पृष्ठभूमि के लोगों को मौका देकर संतुलन साधने की कोशिश की है।
पार्टी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सीट भवानीपुर से नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी को मैदान में उतारा है। शुभेंदु अधिकारी अपनी मौजूदा सीट नंदीग्राम से भी चुनाव लड़ेंगे। इससे साफ संकेत मिलता है कि भाजपा इस चुनाव को ममता बनर्जी बनाम शुभेंदु अधिकारी की सीधी टक्कर के रूप में पेश करना चाहती है।
पार्टी ने अपने मौजूदा विधायकों पर भरोसा दिखाते हुए 41 वर्तमान विधायकों और 3 पूर्व विधायकों को फिर से टिकट दिया है। इससे यह संकेत मिलता है कि भाजपा बड़े बदलाव के बजाय अपने मौजूदा संगठन और नेटवर्क पर भरोसा बनाए रखना चाहती है।
नंदीग्राम का राजनीतिक महत्व भी काफी खास रहा है। 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन का केंद्र रहा यह क्षेत्र ममता बनर्जी के राजनीतिक उभार में अहम रहा था। वहीं, 2021 के चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को करीबी मुकाबले में हराया था। दूसरी ओर, भवानीपुर सीट को ममता बनर्जी का मजबूत गढ़ माना जाता है, जहां से उन्होंने 2021 के उपचुनाव में बड़ी जीत दर्ज की थी।
इस सूची में भाजपा ने 11 महिलाओं को टिकट दिया है, जबकि 36 उम्मीदवारों की उम्र 40 साल से कम है। वहीं 72 उम्मीदवार 41 से 55 वर्ष के बीच और 32 उम्मीदवार 56 से 70 वर्ष के आयु वर्ग में आते हैं। 4 उम्मीदवार 70 वर्ष से अधिक उम्र के भी हैं।
पेशेवर विविधता पर भी पार्टी ने ध्यान दिया है। कुल 144 उम्मीदवारों में से 57 उम्मीदवार शिक्षा, कानून, चिकित्सा, सामाजिक कार्य और सशस्त्र बलों से जुड़े हैं। इनमें 23 शिक्षक, 8 सामाजिक कार्यकर्ता, 6 वकील, 5 डॉक्टर, 3 पत्रकार, 3 आध्यात्मिक नेता और 3 सेवानिवृत्त सैनिक शामिल हैं। इसके अलावा 1 क्रिकेटर, 1 सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी और 1 लोक गायक को भी उम्मीदवार बनाया गया है।
खास बात यह भी है कि ‘वंदे मातरम्’ के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के परिवार से जुड़े सौमित्र चट्टोपाध्याय को नैहाटी सीट से उम्मीदवार बनाया गया है।
इस तरह भाजपा की पहली सूची से यह साफ है कि पार्टी अनुभव और नए चेहरों के मिश्रण के साथ सामाजिक और पेशेवर संतुलन बनाते हुए चुनावी रणनीति पर आगे बढ़ रही है।
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