तेलंगाना के मुख्यमंत्री A. Revanth Reddy ने गांधी प्रतिमा के निर्माण को लेकर फैल रही खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस परियोजना पर 5,000 करोड़ रुपये खर्च होने का दावा पूरी तरह गलत और भ्रामक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित प्रतिमा पर करीब 70 करोड़ रुपये ही खर्च किए जा रहे हैं और इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ विपक्षी नेता और राजनीतिक दल इस परियोजना को लेकर गलत जानकारी फैला रहे हैं। उनके मुताबिक यह पूरी तरह निराधार आरोप हैं और इनका उद्देश्य केवल राजनीतिक लाभ लेना है।
रेवंत रेड्डी ने इस मुद्दे पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब B. R. Ambedkar की प्रतिमा के निर्माण पर लगभग 220 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, तब किसी ने इस तरह का विरोध नहीं किया था। ऐसे में अब गांधी प्रतिमा को लेकर विवाद खड़ा करना दोहरे मानदंड को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इतिहास और विरासत का सम्मान करना सरकार की जिम्मेदारी है और इसे राजनीतिक विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने Hyderabad Disaster Response and Assets Monitoring and Protection Authority (HYDRAA) के कामकाज का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जब इस संस्था की स्थापना हुई थी, तब इसकी काफी आलोचना की गई थी। लेकिन बाद में जब इसने हैदराबाद के तालाबों और जलाशयों को अतिक्रमण से मुक्त कराकर जनता के लिए सुरक्षित किया, तो लोगों ने इसके काम की सराहना की और अब इसे व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने Musi River के पुनरुद्धार से जुड़ी परियोजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार जरूरत पड़ने पर परियोजना स्थल के पास कंटेनर हाउस उपलब्ध कराएगी, जिनमें सभी आवश्यक सुविधाएं होंगी।
मुख्यमंत्री के इस बयान से स्पष्ट संकेत मिलता है कि राज्य सरकार गांधी प्रतिमा और मूसी नदी पुनरुद्धार जैसी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है और विरोध के बावजूद इन योजनाओं को लागू करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।
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