मिर्जापुर के विंध्याचल धाम में शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन करीब 3 लाख भक्तों ने दर्शन पूजन किया। धाम की गलियां, सड़क और गंगा घाटों पर भीड़ ही नजर आ रही थी। बिहार के कुछ क्षेत्र में बाढ़ का असर होने से इस वर्ष प्रतिपदा को अन्य नवरात्रि की अपेक्षा भक्
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भोर में मंगला आरती के बाद से ही भक्तों की भीड़ बढ़ने लगी। दोपहर में भीड़ का रेला कुछ कम हुआ। सुबह के समय पश्चिम मोहाल की गली में भक्तों की काफी अधिक भीड़ की वजह से पूरी गली जाम रहा। त्रिमोहानी गली में भी भक्तों की अधिक संख्या की वजह से पूरा रास्ता जाम रहा।
विंध्याचल धाम में दर्शन के लिए पहुंचे भक्त।
बैरिकेडिंग से परेशान हुए लोग पाठक गली में गेट से लेकर न्यू वीआईपी मार्ग तक भक्तों की भीड़ की का कारण गेट न खुलना बताया गया। मंदिर की व्यवस्था कुछ ऐसी थी कि जगह जगह बैरिकेडिंग किए जाने से लोग परेशान रहे। मन्दिर से निकलने में लोगों को काफी दिक्कत उठानी पड़ रही है।
विंध्याचल धाम में अपनी बारी का इंतजार करते श्रद्धालु।
भक्तों की लंबी कतारे रही मंगला आरती के वक्त बजा घंटा के नाद के साथ ही भक्तों की लंबी कतार लग गई थी। हाथ में गुडहल का माला, नारियल, चुनरी, माथे पर जय माता दी की पट्टी लगाकर भक्तों की कतार धाम की ओर बढ़ रही थी। जयकारा लगाते हुए भक्त मंदिर की तरफ बढ़ रहें थे। जैसे जैसे मंदिर की नजदीक पहुंच रहे थे। जयकारे की आवाज़ तेज होती जा रही थी।
विंध्याचल धाम में मां विंध्यवासिनी को फूल मालाओं से सजाया गया।
मां के दरबार में पहुंचे श्रद्धालु आदिशक्ति माता विंध्यवासिनी के दरबार में भक्तों ने माथा टेककर मन्नत मांगी। अपने भक्तों की हर मुराद पूरी करने वाली मां के दरबार में पहुंचे श्रद्धालुओं ने नमन कर पत्र पुष्प अर्पित किया । विंध्य क्षेत्र के त्रिकोण पथ पर आदिशक्ति अपने तीनों स्वरूप महालक्ष्मी, महाकाली और सरस्वती में विराजमान होकर भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूर्ण कर रही हैं।
मां विंध्यवासिनी का दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालु।
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