बच्चों का क़ातिल नितिन याहू
Rafah :The Butcher of Children.
आप ने बहुत से ज़ालिम क़साई के बारे में सुना होगा लेकिन एक ऐसे ज़ालिम क़साई जो बच्चों का क़ातिल हो कम ही सुना होगा !

कुछ तस्वीरें दिल दहला देने वालीं जिनको दिल मज़बूत करके देखिए, माफ़ी के साथ हम मजबूरी में इस क़त्ले आम को दिखाने के आपके सामने रख रहे हैं।
रफ़ह (ग़ाज़ा) में जो हो रहा है वह सब देख रहे हैं लेकिन लोग इस क़त्ले आम पर भी ख़ामोश हैं ।
कुछ मुल्कों के ज़मीर ज़रूर जागे हैं और ख़ासतौर से दुनिया के लिए जिन यूनिवर्सिटीज़ में जाना ख़्वाब जैसा है वहॉं के छात्रों ने अपने हिस्से का काम कर दिया है और इज़राइली आंतकवाद को उन्होंने दुनिया के सामने लाने का काम किया है।
नीतिन याहू तो इस आंतकवाद का चेहरा हैं जिस को सामने आने में बहुत वक़्त लगा लेकिन जो इस आंतकवाद को हर तरह से मज़बूत कर रहे हैं जिस में रिशी सोनक से लेकर जियो बाइडन व उनके नाटो के साथी भी बराबर के ज़िममेदार हैं ।

डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था के दाइश (isis) हमारी देन है। दाइश (isis) की कमर तोडने वाले ईरान के जनरल क़ासिम सुलेमानी को भी इसी लिए मारा गया था कि वह आंतकवाद को मिट्टी में मिला रहे थे ।

यह चहरे पहचानिए जो इस क़त्ले आम में बराबर इज़रायल के साथ ही नहीं खड़े बल्कि उसको मदद भी कर रहे हैं ।

आज इस बात को 🇺🇳 UNO ने भी उठाया और भारत 🇮🇳 ने भी बच्चों के क़ातिल के ख़िलाफ़ बोला है।
जबकि मुसलमानों की हुकोमतें अंदर अंदर इज़राइल से साँठगाँठ किए हुए हैं तब दुनिया के ग़ैर मुस्लिम हुकोमतें इस आंतकवाद के विरूद्ध खड़ी दिखाई पड़ रही हैं ।
भारत का वह गोदी नहीं बल्कि क़ातिल मीडिया चुप है जो मणिपुर ना जाकर इज़राइल में रिपोर्टिंग करता है।
लेकिन दुनिया और भारत का ख़ासतौर से यह नेचर रहा है की वह ज़ालिमों को बर्दाश्त नहीं करते।

🇮🇳 भारत कभी किसी के सामने ना झुका है ना कभी झुकेगा चाहे वह कितना भी बड़ा हो।
हर सभ्य समाज ज़ुल्म को बर्दाश्त नहीं कर सकता ।
भारत ने इसका सबूत दे दिया है।

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